अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर फिर से हमला करने का मन बना लिया है। इसके लिए दोनों मिलकर खतरनाक तैयारी कर रहे हैं। जर्मनी में तैनात अमेरिकी बेस से गोला-बारूद लेकर दर्जनों अमेरिकी विमान इजराइल के तेल अवीव में उतरे हैं।
इन तैयारियों की भनक लगते ही ईरान भी सतर्क हो गया है। उसने आनन-फानन में युद्ध खत्म करने का भी आह्वान किया है। ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अब हमारा पूरा फोकस युद्ध को समाप्त करने पर है।
इसके साथ, ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह परमाणु को लेकर कोई भी समझौता नहीं करने वाला है। उन्होंने कहा है- हम अंतर्राष्ट्रीय न्यूक्लियर ऊर्जा एजेंसी के अनुसार अपने परमाणु अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेंगे।
चरम पर तनाव
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि समय बहुत कम बचा है। अगर ईरान जल्दी समझौते की राह पर नहीं आया तो उसके पास कुछ भी नहीं रह जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब इजराइली सेना ने पिछले 24 घंटे में ईरान पर फिर से हमले की तैयारी दिखाई है।
ट्रंप का तीखा संदेश
रविवार को ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा- ईरान के लिए समय निकलता जा रहा है। उन्हें तेजी से आगे बढ़ना चाहिए, वरना कुछ भी नहीं बचेगा। यह टिप्पणी ईरानी मीडिया में अमेरिका की शर्तों के खुलासे के कुछ घंटे बाद आई। दोनों तरफ से बातचीत फिर शुरू करने की कोशिश हो रही है, लेकिन शर्तें इतनी सख्त हैं कि समझौता मुश्किल नजर आ रहा है।
क्या हैं अमेरिका की शर्तें
अमेरिका ईरान से मांग कर रहा है कि वह अपने 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम सौंप दे। सिर्फ एक न्यूक्लियर प्लांट को चालू रखने की इजाजत मिले। ईरान को युद्ध के मुआवजे की मांग छोड़नी होगी और मानना होगा कि उसके ज्यादातर फ्रीज किए गए विदेशी अकाउंट्स ब्लॉक ही रहेंगे। इसके अलावा, पूरे इलाके में युद्ध तभी खत्म होगा जब बातचीत पूरी तरह सफल हो जाए।
ईरान की पांच शर्तें
ईरान ने भी तुरंत जवाब दिया है। तेहरान कह रहा है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब पूरे मध्य पूर्व खासकर लेबनान में सैन्य कार्रवाई रुक जाए। अमेरिका को ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने होंगे और फ्रीज किए गए पैसे वापस करने होंगे। ईरान युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा भी चाहता है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता को मान्यता दी जाए।



Iranian FM Spokesman: