Yoga Poses To Cool Down Body Temperature: हमारी जीवनशैली का गहरा संबंध प्रकृति और बदलते मौसम से होता है। योग भी हमें प्रकृति और मौसम को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए। इसे अनदेखा करने से शरीर और स्वास्थ्य को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। योग शास्त्र में इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। योग शास्त्र में मौसम के अनुसार जीवन जीने के इस तरीके को ऋतुचर्या का नाम दिया गया है। इसमें हर मौसम के लिए अलग-अलग आसन, प्राणायाम, ध्यान और खान-पान बताए गए हैं। हमारा शरीर भी प्रकृति के अनुसार ही चलता है, अगर बाहर गर्मी है तो हमारे शरीर में भी गर्मी बढ़ेगी। इसलिए इस मौसम में ठंडे, मीठे और तरल पदार्थ लेने चाहिए। इसी तरह, हमें ऐसे योग आसन और प्राणायाम करने चाहिए जो शरीर को ठंडक पहुंचाएं। योग एक्सपर्ट अतुल व्यास से आइए इससे जुड़े कुछ योग आसन जानते हैं।
1. सुप्त एक पाद उत्तान आसन
तरीका:
- पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
- एक पैर सीधा रखकर दूसरे पैर को 90 डिग्री के एंगल पर सीधा ऊपर उठाएं।
- अब अपने पंजे को दोनों हाथों से पकड़कर 15 सेकंड तक रुकें। अपनी सांस नॉर्मल रखें।
- फिर दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
- इस क्रिया को 2-2 बार करें।
इसके फायदे:
- कब्ज और हाई बीपी के मरीजों के लिए मददगार है। इससे आप शांत रहते हैं।
- पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ाता है।
- मानसिक तनाव कम करता है।
- पाचन में सुधार करता है।
- पैर, घुटने और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
2. शवासन
तरीका:
- पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच लगभग डेढ़ फुट का गैप रखें।
- हाथों को शरीर के साइड में जमीन पर रखें, हथेलियां ऊपर की ओर खुली हों और आंखें बंद कर लें।
- नाक से सांस लें, मुंह से सांस बाहर निकालें।
- अपनी सांसों पर ध्यान देते हुए पूरे शरीर को एकदम ढीला छोड़ दें। इस दौरान अपनी सांस नॉर्मल रखें। सांस के आने-जाने पर ध्यान दें।
- इस प्रक्रिया को 5 मिनट तक करें। फिर शरीर को कड़ा कर लें, ऐसे 10 सेकंड तक करें और फिर शरीर को ढीला छोड़ दें। 2 मिनट रिलैक्स रहें और फिर धीरे-धीरे आंखें खोलकर उठ जाएं।
इसके फायदे:
- यह दिल की बीमारियों में बहुत फायदेमंद है। इसे रोजाना करें।
- यह चिंता और घबराहट को दूर करता है।
- यह मानसिक तनाव दूर करता है।
- यह एक नेचुरल ट्रैंक्विलाइजर (प्राकृतिक रूप से शांत करने वाला) है।
- नींद न आने की बीमारी का बहुत अच्छा इलाज है। हाई बीपी को भी नॉर्मल करता है।
3. अपान आसन
तरीका:
- पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
- दोनों पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं, फिर घुटनों से मोड़कर अपनी छाती के पास लाएं।
- अब दोनों हाथों से मुड़े हुए पैरों को पकड़कर पेट या छाती की तरफ दबाएं और इसी स्थिति में रुकें। सांस नॉर्मल तरीके से लेते रहें।
- 5 से 10 सेकंड तक करें।
इसके फायदे:
- यह अपच (खाना न पचने की समस्या) के लिए बहुत फायदेमंद है।
- यह पेट की चर्बी कम करने में बहुत असरदार है।
- यह एसिडिटी और कब्ज को भी दूर करता है।
- यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।
4. विपरीत करणी आसन
तरीका:
- पीठ के बल लेट दोनों पैरों को 90 डिग्री के एंगल पर उठाएं और रोक कर रखें।
- आप चाहें तो दीवार का सहारा भी ले सकते हैं।
- लंबी-गहरी सांस लें और बॉडी को रिलैक्स करें।
- हाई बीपी, दिल के मरीज इसे किसी योग टीचर की देख-रेख में ही करें।
इसके फायदे:
- यह आसन लो ब्लड प्रेशर वालों को बहुत फायदा पहुंचाता है।
- यह हर्निया की बीमारी में मददगार होता है।
- यह कब्ज की परेशानी को दूर करता है।
- यह वैरिकोज वेन्स के दर्द को कम करता है और याददाश्त भी बढ़ाता है।
5. शीतली प्राणायाम
तरीका:
- सुख आसन में बैठकर, रीढ़ की हड्डी और गर्दन को सीधा रखें। हथेलियां घुटनों पर रखें, आंखें हल्के से बंद कर लें।
- जीभ को मुंह से बाहर निकालकर दोनों किनारों को इस तरह मोड़ें कि जीभ नली जैसी बन जाए। लंबी-गहरी सांस अंदर लें, नाक से बाहर निकाल दें।
- शुरुआत में 6 बार करें और फिर धीरे-धीरे गिनती बढ़ाते जाएं।
इसके फायदे:
- इस प्राणायाम से शरीर में ठंडक आती है और अंदर की गर्मी शांत होती है।
- इससे खून साफ होता है।
- यह दिल के मरीजों को बहुत फायदा पहुंचाता है, लेकिन वे इसका समय कम रखें या रोजाना न करें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालिफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प है। लेकिन, पाठकों को सलाह दी जाती है कि यदि उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो वे किसी भी योगासन का अभ्यास करने से पहले एक बार योगाचार्य या डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें।


