उज्जैन में एक पारिवारिक विवाद उस समय गंभीर हो गया, जब कोतवाली थाने में पहुंची एक बुजुर्ग महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाने में मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी ने कैंसर का ऑपरेशन करा चुकी बुजुर्ग महिला को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के बाद से परिवार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। जानकारी के अनुसार मामला रविवार रात 9 बजे शहर के क्षीरसागर क्षेत्र का है, जहां रहने वाले प्रकाश सूर्यवंशी के परिवार में बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले समझौता भी हो गया था, लेकिन कुछ समय बाद विवाद फिर से बढ़ गया। इसके बाद कमलेश सूर्यवंशी नामक युवक शिकायत लेकर कोतवाली थाने पहुंचा। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत दर्ज करने के बजाय पुलिस ने कमलेश को थाने में ही बैठा लिया। जब कमलेश की मां सुशीला सूर्यवंशी अपने बेटे को लेने थाने पहुंचीं, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों से पूछा कि उनके बेटे को क्यों रोका गया है। इसी बात को लेकर थाने में बहस शुरू हो गई। परिवार का आरोप है कि बहस के दौरान वहां मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी, जिन्हें परिवार “सांवरिया मैडम” के नाम से पहचान रहा है, ने सुशीला सूर्यवंशी को थप्पड़ मार दिया। आरोप है कि थप्पड़ लगते ही बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। दो साल पहले हुआ था कैंसर का ऑपरेशन परिजनों के मुताबिक सुशीला सूर्यवंशी पहले से गंभीर बीमारी से गुजर चुकी हैं। करीब दो साल पहले उनका कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वह लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही हैं। ऐसे में घटना के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। घटना के बाद उन्हें तत्काल चरक भवन अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। परिवार का कहना है कि अस्पताल में भर्ती महिला की हालत को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। शिकायत दर्ज नहीं की गई पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वे दोबारा थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत ठीक से दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी महिला पुलिसकर्मी का पक्ष लेते नजर आए और संबंधित कर्मचारी की पूरी जानकारी देने से बचते रहे। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कराई जाए ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके। साथ ही आरोपित महिला पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और इलाज का पूरा खर्च दिलाने की मांग भी की गई है। मामले को लेकर अब पीड़ित परिवार उच्च अधिकारियों तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है। वहीं पुलिस की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।


