वट सावित्री अमावस्या के अवसर पर शनिवार देर रात लाखों श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने से चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई। अमावस्या स्नान और दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात करीब 12 बजे स्टेशन पहुंचे, जिससे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि यात्री फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय जान जोखिम में डालकर सीधे रेलवे ट्रैक पार करने लगे। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को भी ट्रैक पार करते देखा गया। इस दौरान कई बार ट्रेनों ने हॉर्न भी दिया, लेकिन भीड़ ट्रैक पर बनी रही। सुरक्षा व्यवस्था नदारद शनिवार रात स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर दिखाई दी। मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं थे और न ही यात्रियों को ट्रैक पार करने से रोकने के लिए कोई प्रभावी इंतजाम दिखा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई ट्रेन तेज गति से प्लेटफॉर्म पर नहीं आई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अमावस्या जैसे बड़े पर्वों पर हर बार भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन रेलवे और जिला प्रशासन भीड़ प्रबंधन में नाकाम साबित होते हैं। दावों की खुली पोल रेलवे प्रशासन की ओर से हर अमावस्या पर विशेष ट्रेनों के संचालन, अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती और बेहतर यात्री सुविधाओं के दावे किए जाते हैं। हालांकि, शनिवार रात स्टेशन पर दिखी अव्यवस्था ने इन दावों की पोल खोल दी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचने के लिए रेलवे और प्रशासन को स्थायी और प्रभावी भीड़ प्रबंधन व्यवस्था करनी होगी।


