कभी पीठ सहलाता, कभी कोई और अंग छूता था कोच, इंदौर समर कैंप में बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का मामला

कभी पीठ सहलाता, कभी कोई और अंग छूता था कोच, इंदौर समर कैंप में बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का मामला

Indore summer camp crime: आइपीएस एकेडमी में चल रहे समर कैंप के दौरान बच्चियों से कथित बैड टच का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में आरोपी को स्पोर्ट्स कोच बताया जा रहा था, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि वह एकेडमी के बॉयज हॉस्टल का वार्डन है। पुलिस ने पांच पीड़ित बच्चियों के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

तकनीकी साक्ष्य जुटा रही पुलिस

अब पुलिस एकेडमी से जुड़े तकनीकी साक्ष्य भी एकत्र कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में प्रबंधन स्तर पर किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। एबीवीपी पदाधिकारियों और अभिभावकों द्वारा की गई बातचीत में कई बच्चियों ने आरोप लगाया कि वार्म-अप के दौरान वार्डन उन्हें बैड टच करता था। एक बच्ची ने बताया कि वह बहाने से कभी पीठ पर हाथ फेरता तो कभी अन्य हिस्सों पर गलत तरीके से हाथ लगाता था।

महिला अधिकारी ने दर्ज किए पीड़ित बच्चियों के बयान

इंदौर के राजेंद्र नगर थाना टीआइ यशवंत बडौले ने बताया कि मामले की रात में जांच की गई, जिसमें महिला अधिकारी ने पीडि़त बच्चियों के बयान दर्ज किए। बयान के आधार पर एकेडमी के कर्मचारी विनोद शर्मा (52), निवासी राऊ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से एकेडमी के बॉयज हॉस्टल का वार्डन था। आरोप है कि वह बच्चियों के भोजन करने के समय मौके का फायदा उठाकर बैड टच करता था। पुलिस ने बताया कि सभी बयान जांच में शामिल किए जा रहे हैं और आरोपी को जल्द न्यायालय में पेश किया जाएगा।

18 बच्चियों ने लिया था हिस्सा

जानकारी के अनुसार, तीन मई से शुरू हुए समर कैंप में 18 बच्चियां और करीब 36 लड़के शामिल हुए थे। छात्र-छात्राओं के हॉस्टल परिसर अलग-अलग स्थान पर हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज भी जांच में शामिल कर रही है। साथ ही प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

ऐसे खुला मामला

पीड़ित बच्ची ने गुरुवार सुबह रोते हुए अपने माता-पिता को फोन कर बताया कि स्पोर्ट्स टीचर ने उसके साथ बैड टच किया है। सूचना मिलते ही माता-पिता ने इंदौर में परिचित को मदद के लिए भेजा। मौके पर पहुंचे परिचितों को बताया गया कि आरोपी को निकाल दिया गया है, जिसके बाद वे आक्रोशित हो गए और पुलिस को सूचना दी। इसी दौरान एबीवीपी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी पहुंचे और अभिभावकों के साथ मिलकर प्रबंधन का विरोध किया।

दोषी को मिले सजा

इसमें दोषी को सजा मिलनी चाहिए। जहां तक मुझे पता है कि यह दो माह से एकेडमी में काम कर रहा था। हमें जैसे ही इस घटना का पता चला तो तत्काल प्रभाव से उसे सस्पेंड कर दिया। तीस साल से हम हॉस्टल चला रहे हैं। कभी भी इस तरह की घटना सामने नहीं आई।

– अचल चौधरी, प्रेसिडेंट, आइपीएस एकेडमी

आप भी रहें अलर्ट

इंदौर समर कैंप का ये मामला चौंकाने वाला है। पेरेंट्स ध्यान दें बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में जरूर बताएं। उनसे फ्रेंडली रहें ताकि वो आपसे हर बात कर सकें। बच्चे के बिहेवियर में नजर आने वाले छोटे से बदलाव को भी नजरअंदाज न करें। उससे बात करें ताकि वे कुछ छिपाएं न, सब सच बताएं। पैरेंट्स को हर पल अवेयर रहना चाहिए।

-नरेंद्र सिंह राजपूत, मनोचिकित्सक, भोपाल।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *