पंजाब में ‘स्वगणना’ में लुधियाना नंबर-1; कपूरथला सबसे पीछे:लुधियाना में 21986 ने की सेल्फ इन्यूमिरेशन, पंजाब में 75 लाख घरों की होगी लिस्टिंग

पंजाब में ‘स्वगणना’ में लुधियाना नंबर-1; कपूरथला सबसे पीछे:लुधियाना में 21986 ने की सेल्फ इन्यूमिरेशन, पंजाब में 75 लाख घरों की होगी लिस्टिंग

पंजाब में जनगणना के पहले चरण में सेल्फ इन्युमिरेशन यानि ‘स्वगणना’ का राउंड पूरा हो गया और अब हाउस लिस्टिंग का डोर-टू-डोर काम शुरू हो गया। प्रशासन ने सेल्फ इन्युमिरेशन के लिए लोगों को जागरूक किया लेकिन ज्यादा लोगों ने इसमें इंट्रस्ट नहीं दिखाया। सेल्फ इन्युमिरेशन के जो आंकड़े सामने आए हैं उनमें पंजाब भर में कुल 132240 लोगों ने ही स्वगणना करवाई। स्वगणना करवाने में लुधियाना जिला नंबर-1 पर रहा जबकि कपूरथला सबसे नीचे यानि 23 वें नबर पर रहा। लुधियाना में राज्य के किसी भी अन्य जिले के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा लोगों ने खुद ऑनलाइन फॉर्म भरे हैं। जारी रिपोर्ट के मुताबिक, लुधियाना में कुल 21,986 लोगों ने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसमें सबसे खास बात यह है कि यहाँ ‘ड्रॉप-आउट’ रेट सबसे कम रहा19,683 लोगों ने प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। नगर निगम कमिश्नर कम जनगणना अफसर सिटी डॉ नीरू कत्याल गुप्ता का कहना है कि लुधियाना में स्मार्टफोन की पहुंच और युवाओं की सक्रियता ने इसे नंबर-1 बनाया है। वहीं, फाजिल्का (8,239) और मोहाली (8,086) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। दूसरी ओर, कपूरथला जिले के लोग सबसे सुस्त नजर आए, यहां केवल 2,029 लोगों ने ही पोर्टल का इस्तेमाल किया। 75 लाख घरों की होगी हाउसलिस्टिंग 2011 की जनगणना के वक्त हुई हाउस लिस्टिंग में पंजाब में 54.09 लाख घर थे। 15 साल में शहरों का विस्तार हो गया और अन्य राज्यों से आए लोगों ने भी बड़ी संख्या में पंजाब के शहरों में घर बना लिए हैं। ऐसे में सरकार का अनुमान है कि अब तक पंजाब में घरों की संख्या बढ़कर 75 लाख के आसपास हो गई है। प्रशासन ने पंजाब में 75 लाख घरों की गणना के लिए करीब 65 हजार कर्मचारियों को नियुक्त किया है। लुधियाना जिले में सबसे ज्यादा घर बढ़ने का अनुमान सरकार ने घरों के जो अनुमानित आंकड़े तैयार किए हैं उसके हिसाब से लुधियाना जिले में सबसे ज्यादा घर होंगे। वैसे भी 2011 की जनगणना में भी 6,75,470 घर थे जो कि अब बढ़कर 10,65,000 होने का अनुमान है। लुधियाना के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा घर अमृतसर और तीसरे नंबर पर जालंधर में होने का अनुमान है। अमृतसर में 6,25,000 और जालंधर में 5,90,000 घर होने का अनुमान है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लुधियाना में पिछले 15 सालों में कितनी तेजी से शहरीकरण हुआ है। जनगणना कर्मियों को सवालों के सही जवाब दें नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता का कहना है कि लुधियाना समेत पूरे पंजाब में डोर टू डोर हाउस लिस्टिंग का काम शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि हाउसलिस्टिंग के दौरान घर के मुखिया या किसी भी सदस्य से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इससे पहले घर का मुखिया और एक सदस्य का फोन नंबर पूछा जाएगा। फोन नंबर पर एक कोड आएगा और उसके हिसाब से कर्मचारी फार्म भरना शुरू करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जनगणना कर्मियों को सही जानकारियां दें ताकि सही डेटा तैयार हो सके। डिजिटल जनगणना में पहली बार था स्वगणना का विकल्प डॉ नीरू कत्याल गुप्ता का कहना है कि जनगणना कर्मचारी जब आपके घर आएंगे तो वो भी जनगणना को डिजिटली ही करेंगे। उन्होंने बताया कि वो आपसे सवाल पूछेंगे और साथ के साथ ऑनलाइन फार्म भरते जाएंगे। उन्होंने बताया कि डिजिटल जनगणना पहली बार हो रही है और पहली बार ही स्वगणना का विकल्प लोगों को मिला था। नगर निगम कमिश्नर का कहना है कि लुधियाना जिले ने सबसे ज्यादा ऑनलाइन फार्म भरे लेकिन जितने लोगों को इस प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए था उतने लोग आगे नहीं आए।

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