सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के बानुखेड़ी गांव में विवादित जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर तनाव इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और पथराव की स्थिति बन गई। घटना में एक पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार गांव में करीब 45 बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अनुसूचित समाज के लोगों का कहना है कि वर्ष 1987 में यह जमीन उन्हें पट्टे के रूप में आवंटित की गई थी, जबकि दूसरे पक्ष के लोग भी जमीन पर अपना दावा जता रहे हैं। इसी विवाद के चलते प्रशासनिक स्तर पर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही थी। शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ गांव पहुंची और खेत की जुताई शुरू कराई। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और लोगों को खदेड़ा। पथराव में सिपाही रविश कुमार घायल हो गया। वहीं ग्रामीण पक्ष से महिला समेत चार लोगों के चोटिल होने की सूचना है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद गांव में काफी देर तक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक टीम बिना कार्रवाई पूरी किए वापस लौट गई। घटना के बाद कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने प्रशासन पर एक पक्ष के साथ पक्षपात करने और दबाव की कार्रवाई करने के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद को लेकर पहले भी कई बार झड़पें हो चुकी हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। सीओ अशोक सिसौदिया का कहना है कि राजस्व विभाग की मांग पर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक कुछ लोगों ने सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिन्हें मौके से हटाया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों से इनकार किया है।


