Rajasthan New District: केकड़ी। सावर नगर पालिका के निवर्तमान पालिकाध्यक्ष विश्वजीत सिंह शक्तावत ने केकड़ी को पुनः जिला बनाने सहित क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर 18 मई से जयपुर तक पैदल कूच करने की घोषणा की है। केकड़ी के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में शक्तावत ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन, प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आमजन में रोष है।
शक्तावत ने आरोप लगाया कि केकड़ी क्षेत्र से जुड़े ज्ञापन मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उनका कहना था कि क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक दबाव के चलते जनहित के मुद्दों को दबाया जा रहा है, जिससे सरकार तक वास्तविक स्थिति नहीं पहुंच रही। इसी कारण अब उन्होंने सीधे जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
हजारों लोगों के साथ निकलेगी पदयात्रा
शक्तावत ने बताया कि 18 मई को सावर से हजारों लोगों के साथ पैदल यात्रा शुरू की जाएगी। यह यात्रा जयपुर पहुंचकर सरकार से जवाब मांगेगी कि आखिर केकड़ी विधानसभा क्षेत्र की लगातार उपेक्षा क्यों की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की जनता मूलभूत सुविधाओं के अभाव से परेशान है और अब आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

प्रशासन और पुलिस पर लगाए आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान शक्तावत ने प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केकड़ी विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में भय और असंतोष का वातावरण बन गया है। शक्तावत ने प्रशासनिक अव्यवस्था को चरम पर बताते हुए कहा कि वे “एक बोरा भरकर समस्याओं के दस्तावेज” जयपुर लेकर जाएंगे और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
शक्तावत की इस घोषणा के बाद क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है। केकड़ी को पुनः जिला बनाने की मांग पहले भी उठती रही है, लेकिन जयपुर तक पैदल कूच की घोषणा के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
यह रहेगी प्रमुख मांगें
– केकड़ी को पुनः जिला घोषित किया जाए।
– प्रशासनिक अव्यवस्थाओं में सुधार किया जाए।
– अवैध बजरी खनन एवं दोहन पर रोक लगाई जाए।
– नसीराबाद से देवली तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना में सावर बाईपास बनाया जाए।
– क्षेत्र में बिजली और पेयजल व्यवस्था सुचारु की जाए।


