NEET Exam Paper Leak Update : एसओजी जयपुर मास्टरमाइंड दिनेश बिंवाल समेत 4 आरोपियों को सीबीआई के हवाले किया। जिसके बाद सीबीआइ ने चारों आरोपियों को एसीजेएम-4 जयपुर महानगर प्रथम धर्मेंद्र कुमार शर्मा के कोर्ट में पेश किया और से ट्रांजिट रिमांड की मांग की। कोर्ट ने सीबीआई मांग स्वीकार कर एक दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। अब सीबीआइ इन आरोपियों को गुरुवार को दिल्ली की संबंधित अदालत में पेश करेगी।
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले में राजस्थान कनेक्शन गहराता जा रहा है। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार, मास्टर माइंड दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था। जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि दिनेश के परिवार के पांच बच्चों का वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में चयन हुआ था। खुद आरोपी ने भी सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे परिवार के लिए गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट किया था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इन अभ्यर्थियों को भी अवैध तरीके से 2025 की परीक्षा में लाभ तो नहीं पहुंचाया गया।
एसओजी मुख्यालय में बुधवार को चली लंबी पूछताछ व जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रों को “गेस पेपर” के नाम पर भ्रमित नहीं किया, बल्कि सीधे नीट का असली प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा करते हुए प्रत्येक छात्र से 5 से 10 लाख रुपए तक वसूले। दिल्ली से जयपुर आई 19 सदस्यीय सीबीआइ टीम नीट पेपर लीक मामले में संगठित गिरोह के राजस्थान कनेक्शन की जानकारी जुटा रही है। जबकि सीबीआइ की अन्य टीमें अन्य राज्यों में सर्च कर रही है।
मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को किया सीबीआई के हवाले
जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय में लंबी पूछताछ के बाद मास्टरमाइंड दिनेश बिंवाल समेत 4 आरोपियों को सीबीआई के हवाले कर दिया। सीबीआई टीम ने करीब 24 घंटे की पूछताछ के बाद आरोपियों को जज के समक्ष पेश किया। सीबीआई ने देशभर में कई जगहों पर छापामारी कर 5 अभियुक्तों नासिक से शुभम किरनार, जयपुर से मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल व यश यादव गुरग्राम से गिरफ्तार किया है।
आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना
सीबीआइ ने मास्टर माइंड दिनेश, उसके भाई मांगीलाल व मांगीलाल के बेटे विकास को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट, बैंक लेन देन और संपर्क सूत्रों की गहन जांच की जा रही है। कई छात्रों और अभिभावकों से भी पूछताछ की तैयारी है। कोचिंग नेटवर्क या अन्य बिचौलियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
यानी असली पेपर से हुए मॉक टेस्ट
सीकर, नीट पेपर लीक मामले में लगातार नए मामले सामने आ रहे है। एसओजी की जांच में सामने आया कि किसी को शक नहीं हो इसलिए लीक पेपर को सीकर से लेकर देहरादून, झुंझुनूं, बिहार, केरल आदि स्थानों पर मॉक टेस्ट बता कर बेचा गया। शुरुआत में मोटी रकम लेकर पेपर मुहैया हुआ। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ और सवाल जोड़कर गेस पेपर के जरिए बाजार में उतारा गया। मॉक पेपर व मनी ट्रेल की भनक किसी को नहीं लगे, इसके लिए सोशल मीडिया पर शेयर फाइल का नाम भी गेस पेपर दिया गया।
आठ-आठ बच्चों के ग्रुप बनाकर राकेश ने भेजा पेपर
सीकर निवासी कन्सलटेंट राकेश मण्डवारिया ने आठ-आठ बच्चों के ग्रुप बनाकर पेपर भेजा था। परीक्षा वाले दिन ज्यादातर ग्रुप को बंद कर दिया गया। खास बात यह है कि पेपर देने वालों से लेकर लेने वालों को पूरा यकीन नहीं था कि पूरे सवाल आएंगे, इसलिए हर स्तर पर रेट गिरती गई। बाद में गेस पेपर की रेट 30 हजार तक आ गई है। सूत्रों के अनुसार, राकेश ने कई छात्रों को निजी मेडिकल कॉलेजों में सीट दिलाने के लिए गेस पेपर उपलब्ध कराया। वहीं ई-मित्र संचालकों ने विद्यार्थियों में धाक जमाने तो पीजी संचालक ने कारोबार को और चमकाने के लिए विद्यार्थियों को गेस पेपर दिया।
मॉक टेस्ट जांच के दायरे में
महाराष्ट्र के लातूर की एक कोचिंग की ओर से मॉक टेस्ट के जरिए गेस पेपर पढ़ाने की बात सामने आई है। सूत्रों की माने तो अब सीकर की कोचिंग संस्थाओं के भी मॉक टेस्ट का भी एसओजी ने विश्लेषण किया है।
महाराष्ट्र में 4 हिरासत में
पेपर लीक नेटवर्क के तार पुणे और नासिक से भी जुड़ रहे हैं। महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार शुभम खैरनार से मिली जानकारी के बाद सीबीआइ ने बुधवार को अहिल्यानगर जिले से तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, जबकि पुणे में पुलिस ने मनीषा वाघमारे नाम की एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए सीबीआइ को सौंप दिया। उधर खैरनार को दो दिन की सीबीआइ रिमांड पर भेजा गया।
उघड़ने लगी परतें, 7 गिरफ्तार
नालंदा पुलिस ने विम्स मेडिकल कॉलेज के छात्र अवधेश कुमार की निशानदेही पर बिहार के अलग-अलग जिलों में 7 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अवधेश कुमार के मोबाइल से पुलिस को पेपर से जुड़ी चैट, स्कैनर और पैसों के लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिली है। पूछताछ में अवधेश ने बताया कि उसका दोस्त उज्ज्वल नीट में स्कॉलर बैठाने और पेपर सेट कराने का काम करता है। यहीं से नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुई।
कांग्रेस ने मांगा शिक्षा मंत्री प्रधान का इस्तीफा, कहा-एनटीए को बैन करें
नई दिल्ली. कांग्रेस की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस और छात्र इकाई एनएसयूआइ ने नीट परीक्षा में पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान के इस्तीफे, जेपीसी के गठन एवं दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है।
चार आरोपी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश, मिला एक दिन का ट्रांजिट रिमांड
जयपुर। सीबीआइ के अधिकारी ‘नीट पेपर लीक’ मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को लेकर एसीजेएम-4 जयपुर महानगर प्रथम धर्मेंद्र कुमार शर्मा के आवास पर पहुंचे। जांच एजेंसी की ओर से कोर्ट के समक्ष आरोपी दिनेश, मांगीलाल, विकास और यश के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की गई। न्यायालय ने सीबीआइ द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद चारों आरोपियों का एक दिन का ट्रांजिट रिमांड स्वीकार कर लिया। माना जा रहा है कि रिमांड मिलने के बाद अब सीबीआइ इन आरोपियों को गुरुवार को दिल्ली की संबंधित अदालत में पेश करेगी।


