अररिया में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी का वेतन रोका:कहा-विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी नहीं करें

अररिया में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी का वेतन रोका:कहा-विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी नहीं करें

अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की समीक्षा की। इस दौरान लापरवाही पाए जाने पर रानीगंज परियोजना की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया। अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई समाहरणालय स्थित आत्मन सभागार में हुई बैठक में डीएम दूहन ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार, टीकाकरण और स्कूल पूर्व शिक्षा जैसी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। रानीगंज परियोजना की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के कार्यों पर डीएम दूहन ने विशेष नाराजगी जताई। आभा आईडी निर्माण, केंद्रों के नियमित संचालन और अन्य महत्वपूर्ण संकेतकों पर न्यूनतम उपलब्धि हासिल न करने के कारण उनके कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने को कहा गया। असंतोषजनक कार्य को देखते हुए उनका वेतन अगले आदेश तक अवरुद्ध करने का निर्देश जारी किया गया। संकेतकों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं डीएम ने पोषण ट्रैकर में एफआरएस, एचसीएम, बच्चों का वजन मापन और गृह भ्रमण सहित सभी गतिविधियों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन संकेतकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लंबित आवेदनों का 24 घंटे के भीतर निपटारा करने और अधिक से अधिक नए आवेदन अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए गए। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिले जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी सीडीपीओ की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बाल विकास और मातृ पोषण की आधारशिला हैं, और इनके बेहतर संचालन से जिले के बच्चों और महिलाओं का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। डीएम ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब केवल रिपोर्ट नहीं, बल्कि परिणाम दिखने चाहिए। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ, जिला परियोजना सहायक सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की समीक्षा की। इस दौरान लापरवाही पाए जाने पर रानीगंज परियोजना की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया। अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई समाहरणालय स्थित आत्मन सभागार में हुई बैठक में डीएम दूहन ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार, टीकाकरण और स्कूल पूर्व शिक्षा जैसी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। रानीगंज परियोजना की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के कार्यों पर डीएम दूहन ने विशेष नाराजगी जताई। आभा आईडी निर्माण, केंद्रों के नियमित संचालन और अन्य महत्वपूर्ण संकेतकों पर न्यूनतम उपलब्धि हासिल न करने के कारण उनके कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने को कहा गया। असंतोषजनक कार्य को देखते हुए उनका वेतन अगले आदेश तक अवरुद्ध करने का निर्देश जारी किया गया। संकेतकों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं डीएम ने पोषण ट्रैकर में एफआरएस, एचसीएम, बच्चों का वजन मापन और गृह भ्रमण सहित सभी गतिविधियों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन संकेतकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लंबित आवेदनों का 24 घंटे के भीतर निपटारा करने और अधिक से अधिक नए आवेदन अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए गए। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिले जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी सीडीपीओ की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बाल विकास और मातृ पोषण की आधारशिला हैं, और इनके बेहतर संचालन से जिले के बच्चों और महिलाओं का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। डीएम ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब केवल रिपोर्ट नहीं, बल्कि परिणाम दिखने चाहिए। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ, जिला परियोजना सहायक सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।  

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