नई दवा बैक्सड्रोस्टेट से कंट्रोल हो सकता है बीपी! किडनी पर भी साइड इफेक्ट्स कम, नई रिसर्च में खुलासा

नई दवा बैक्सड्रोस्टेट से कंट्रोल हो सकता है बीपी! किडनी पर भी साइड इफेक्ट्स कम, नई रिसर्च में खुलासा

New drug for Hypertension : हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी बीमारी है जो दबे पांव आती है, लेकिन जब दवाइयों का असर भी बंद हो जाए तो खतरा बढ़ जाता है। बीपी कंट्रोल की एक नई गोली तैयार की गई है जो शरीर के उन हार्मोन को कंट्रोल करती है जो बीपी बढ़ाते हैं। यह दवा उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन पर पुरानी दवाएं काम करना बंद कर चुकी हैं।

क्या है यह नई रिसर्च और कौन सी है यह दवा?

द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, हाल ही में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय रिसर्च हुई है जिसे बैक्सएचटीएन (BaxHTN) नाम दिया गया है। इसमें बैक्सड्रोस्टेट नाम की एक दवा का ट्रायल किया गया।असल में हमारे शरीर में एल्डोस्टेरोन नाम का एक हार्मोन होता है। जब यह बढ़ जाता है, तो शरीर में नमक और पानी रुकने लगता है और बीपी हाई हो जाता है। यह नई दवा इसी हार्मोन को बनने से रोकती है, जिससे बीपी अपने आप नीचे आने लगता है।

किस पर हुआ ट्रायल और क्या नतीजे आए?

यह ट्रायल उन लोगों पर किया गया जिनका बीपी 140 से ऊपर रहता था और जो पहले से ही बीपी की कई गोलियां खा रहे थे। 12 हफ्ते में जिन लोगों ने यह दवा ली, उनका बीपी सिर्फ 3 महीने के अंदर काफी कम हो गया। बीपी कम होने की वजह से मरीजों की किडनी पर पड़ने वाला दबाव कम हो गया, जिससे किडनी फेल होने का डर भी कम हुआ।

इस दवा की सबसे अच्छी बात यह रही कि इसने शरीर के दूसरे जरूरी सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। अभी यह दवा टेस्टिंग के आखिरी दौर में है। मार्केट में आने से पहले इसे हेल्थ एक्सपर्ट्स और सरकारी संस्थाओं (जैसे FDA) की ओर से हरी झंडी मिलना बाकी है।

कितनी आसान होगी यह दवा?

इस दवा को दिन में एक बार लेना होगा। अक्सर बीपी के मरीजों को सुबह-शाम कई गोलियां खानी पड़ती हैं, ऐसे में यह उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दवा पुरानी दवाओं की जगह नहीं लेगी, बल्कि उन्हें और बेहतर तरीके से काम करने में मदद करेगी।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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