MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोहेफिजा थाना में तैनात आरक्षक और एफआरवी ड्राइवर ने किरायेदार को मकान खाली कराने के नाम पर रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। शाहजहांनाबाद संभाग की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए एफआरवी के चालक सुनील मालवीय और आरक्षक यशराज तोमर (Police Constable Yashraj Tomar) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बी एन एस की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
सहायक पुलिस आयुक्त अनिल वाजपेयी ने बताया कि अशोका पैलेस कोहेफिजा निवासी 31 वर्षीय प्रतीक नारायण साहू ने 10 मई को शिकायत दी थी। उसने बताया कि वह किराए के मकान में रहता है और उसकी मकान मालिक आरती कपूर है। शिकायत के अनुसार दोपहर में दो पुलिसकर्मी और एक अन्य व्यक्ति उसके घर पहुंचे और मकान खाली करने का दबाव बनाने लगे।
मोबाइल छीनकर दी धमकी
फरियादी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया और धमकाया कि थाने ले जाकर किसी मामले में फंसा देंगे। इसके बाद मकान खाली करने के लिए समय देने के बदले 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी। आरोपी उसे एटीएम से पैसे निकालने भेजकर रकम लाने का दबाव बना रहे थे, लेकिन वह सीधे एसीपी कार्यालय पहुंच गया और शिकायत कर दी।
एसीपी कार्यालय ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीपी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। फरियादी ने बताया कि उसके पास केवल 20 हजार रुपए हैं। इसके बाद 500-500 रुपए के 40 नोटों का पंचनामा तैयार किया गया। फरियादी को निर्देश दिए गए कि रकम केवल रिश्वत मांगने वाले को ही देनी है। इसके बाद फरियादी से आरोपियों को फोन कराया गया, जिसके बाद उसे कोहेफिजा पुलिस सहायता केंद्र के पास बुलाया गया। तय योजना के तहत फरियादी और एक साक्षी आरोपी के संपर्क में गए, जबकि दूसरी टीम निगरानी करती रही।
जेब से मिले रिश्वत के 20 हजार रुपए
कुछ देर बाद एफ आर वी चालक सुनील मालवीय वहां पहुंचा और फरियादी प्रतीक से बातचीत करने लगा। जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, फरियादी ने संकेत दिया और पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसकी जेब से 500 रुपए के 40 नोट यानी कुल 20 हजार रुपए बरामद हुए। नोटों के नंबर पंचनामा से पूरी तरह मेल खा गए।
पूछताछ जारी
पुलिस ने आरोपी के पास से फरियादी का मोबाइल भी बरामद कर लिया। पूछताछ में सुनील मालवीय ने बताया कि उसने यह रकम आरक्षक यशराज तोमर के कहने पर ली थी। बाद में यशराज तोमर को भी बुलाकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने भी अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। एसीपी अनिल बाजपेयी ने बताया कि इस मामले के बाद पूरे थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मियों की गोपनीय जांच की जा रही है।
कोलार इलाके में भी रिश्वत का दूसरा मामला
इसी तरह कोलार इलाके में भी रिश्वत लेने के बाद पेमेंट का स्क्रीन शॉट वायरल होने का मामला सामने आया है। यहां एक निजी होटल के पास 5 ग्राम गांजे के साथ पकड़े गए युवक से छोड़ने के बदले 7 हजार रुपए लिए गए। आरोप है कि पुलिस आरक्षक ने रुपए चौरसिया पान शॉप में ऑनलाइन पेमेंट करवाई फिर अपने नाम छिपाकर नगद रिश्वत ली। यह मामला कोलार थाना से जुड़ा बताया जा रहा है।


