बुरहानपुर के वनग्राम मांडवा में सोमवार दोपहर 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने नशामुक्त गांव बनाने का संकल्प लेते हुए लोगों को जागरूक किया। रैली में ग्रामीणों ने “दारू बंद करो”, “दारू पीना, बेचना बंद करो” जैसे नारे लगाए। इस आयोजन में ग्राम सरपंच तुलसीराम अलावे, ग्राम समिति अध्यक्ष तेरसिंह भीकला, पटेल दमरु दगडु और बीट गार्ड कमलेश रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने गांव में शराबबंदी का आह्वान किया। उनका कहना है कि नशे ने आदिवासी समाज को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे समाज का विकास बाधित हो रहा है। ग्राम समिति अध्यक्ष तेरसिंह भीकला ने बताया कि आदिवासी समाज में नशा एक आम बात हो गई है। मेहमानों का स्वागत भी नशे से किया जाता है, भले ही इसके लिए पैसे न हों। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जब बच्चों की पढ़ाई या दस्तावेज़ बनवाने की बात आती है, तो पैसे उपलब्ध नहीं हो पाते। भीकला ने जोर देकर कहा कि इसी कारण समाज प्रगति नहीं कर पा रहा है और बड़े स्तर पर ऐसी रैलियों व कार्यक्रमों की आवश्यकता है। कार्यक्रम में नारों के माध्यम से शराब पीने और बेचने वाले व्यक्तियों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया।


