बरेली में पीलीभीत बाइपास पर मामूली बाइक टक्कर के बाद एक विवाद अपहरण में बदल गया। कार सवार कुछ लोगों ने शराब दुकान के एक सेल्समैन को सड़क से अगवा कर लिया। उसे लगभग 18 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और एक लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से युवक को सकुशल छुड़ा लिया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। घटना शनिवार रात की है। भुता थाना क्षेत्र के सिसैया गांव निवासी 25 वर्षीय अभिषेक गंगवार, जो केसरपुर स्थित शराब दुकान में सेल्समैन हैं, अपने परिचित ललित पटेल के साथ दो बाइक से लौट रहे थे। पीलीभीत बाइपास पर महानगर के पास पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को हल्का सा छू दिया। जब अभिषेक ने इसका विरोध किया, तो कार सवार युवक भड़क गए और उसे जबरन कार में बिठाकर फरार हो गए। पीड़ित अभिषेक ने बताया कि आरोपी उसे पूरी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में घुमाते रहे और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उन्होंने अभिषेक के मोबाइल फोन से उसके परिचितों को कॉल कर एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। घटना की जानकारी मिलते ही इज्जतनगर पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस ने सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया। हालांकि, आरोपी बार-बार मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डाल देते थे, जिससे लोकेशन ट्रेस करने में काफी परेशानी हुई। आखिरकार, रविवार दोपहर को पुलिस ने हवाई अड्डे के पास से अभिषेक को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने इस मामले में क्योलड़िया थाना क्षेत्र के चंद्रपुर ख्यालीराम निवासी उमाशंकर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद हुई है। नवाबगंज निवासी विमल, गुलड़िया लेखराज निवासी आकाश और हरनेश अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जांच में यह भी पता चला है कि इस्तेमाल की गई कार गाजियाबाद की एक कंपनी के नाम पर पंजीकृत है।


