राजधानी पटना में बीपीएससी टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में एनएसयूआई छात्र संगठन ने सहरसा में प्रदर्शन किया। रविवार शाम 5 बजे वीर कुंवर सिंह चौक पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार के नेतृत्व में यह विरोध जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से राज्य सरकार शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। मनीष कुमार ने कहा कि सरकार ने डेढ़ लाख शिक्षक बहाली की बात कहकर सीटों की संख्या घटाकर लगभग 80 हजार कर दी है। इसके अतिरिक्त, पीटी और मेंस जैसी बाध्यता लागू कर अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें जेल भेजने और पांच हजार छात्रों पर मुकदमा दर्ज करने को दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक बताया। एनएसयूआई नेताओं ने सरकार से टीआरई-4 का जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। संगठन ने पीटी और मेंस की बाध्यता समाप्त करने, आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्र नेताओं की बिना शर्त रिहाई तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग की। मनीष कुमार ने जोर देकर कहा कि बिहार के विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है और लाखों पद खाली पड़े हैं, फिर भी सरकार बहाली प्रक्रिया में देरी कर रही है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार मांग रहे युवाओं को नौकरी के बजाय लाठियां मिल रही हैं। इस बीच, टीआरई-4 अभ्यर्थियों की एक बैठक सोमवार सुबह 9 बजे मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज में आयोजित करने की घोषणा की गई, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इस प्रदर्शन में आशुतोष कुमार, रितेश, मिथिलेश कुमार, प्रदीप कुमार, रितेश यादव, मंटू कुमार यादव, राजा कुमार, नवनीत कुमार, केशव झा, संतोष यादव, निखिल झा, चंदन कुमार, रंजीत कुमार, विकास कुमार, मनीष कुमार मिथिलेश कुमार दिलखुश कुमार चंदन कुमार यादव सुरेंद्र कुमार उमेश कुमार प्रदीप कुमार सतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी उपस्थित थे। राजधानी पटना में बीपीएससी टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में एनएसयूआई छात्र संगठन ने सहरसा में प्रदर्शन किया। रविवार शाम 5 बजे वीर कुंवर सिंह चौक पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार के नेतृत्व में यह विरोध जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से राज्य सरकार शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। मनीष कुमार ने कहा कि सरकार ने डेढ़ लाख शिक्षक बहाली की बात कहकर सीटों की संख्या घटाकर लगभग 80 हजार कर दी है। इसके अतिरिक्त, पीटी और मेंस जैसी बाध्यता लागू कर अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें जेल भेजने और पांच हजार छात्रों पर मुकदमा दर्ज करने को दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक बताया। एनएसयूआई नेताओं ने सरकार से टीआरई-4 का जल्द नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। संगठन ने पीटी और मेंस की बाध्यता समाप्त करने, आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्र नेताओं की बिना शर्त रिहाई तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग की। मनीष कुमार ने जोर देकर कहा कि बिहार के विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है और लाखों पद खाली पड़े हैं, फिर भी सरकार बहाली प्रक्रिया में देरी कर रही है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार मांग रहे युवाओं को नौकरी के बजाय लाठियां मिल रही हैं। इस बीच, टीआरई-4 अभ्यर्थियों की एक बैठक सोमवार सुबह 9 बजे मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज में आयोजित करने की घोषणा की गई, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इस प्रदर्शन में आशुतोष कुमार, रितेश, मिथिलेश कुमार, प्रदीप कुमार, रितेश यादव, मंटू कुमार यादव, राजा कुमार, नवनीत कुमार, केशव झा, संतोष यादव, निखिल झा, चंदन कुमार, रंजीत कुमार, विकास कुमार, मनीष कुमार मिथिलेश कुमार दिलखुश कुमार चंदन कुमार यादव सुरेंद्र कुमार उमेश कुमार प्रदीप कुमार सतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी उपस्थित थे।


