जबलपुर क्रूज हादसा: हाईकोर्ट में जनहित याचिका, इन्हें बताया जिम्मेदार

जबलपुर क्रूज हादसा: हाईकोर्ट में जनहित याचिका, इन्हें बताया जिम्मेदार

Jabalpur cruise accident: 30 अप्रेल को हुए जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर शुक्रवार को मप्र हाईकोर्ट में दूसरी जनहित याचिका दायर की गई है। पहले जिला अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। अब पिछले 24 घंटे के भीतर हाईकोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई है। पहली जनहित याचिका भोपाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुमार राठी ने गुरूवार को हाईकोर्ट में दायर की थी।

अब शुक्रवार दोपहर को अब जबलपुर की सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी ने याचिका दायर की है। पुष्पा तिवारी की याचिका में हादसे का दोषी राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और एमपी टूरिज्म (MP Tourism) को बताया गया है। इसके साथ ही याचिका में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (SIT) का गठन करने की मांग की गई है। बता दें कि, दोनों याचिकाओं पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी। (MP News)

याचिकाकर्ता का आरोप- सरकार जिम्मेदारों को बचा रही

सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी की जनहित याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने जिस तरह का रुख इस मामले में अपनाया है, उससे यह स्पष्ट है कि सरकार जिम्मेदारों को बचाना चाहती है। इसलिए मामले में एक एसआईटी गठन की मांग की गई है, जिसमें आईजी स्तर के अधिकारी जांच में शामिल हों। जनहित याचिका में कहा गया है कि जब मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया था तब ऐसी स्थिति में क्रूज को बांध में क्यों भेजा गया? यह सीधे तौर पर लापरवाही प्रदर्शित करता है। इसके साथ ही ऐसी क्या जल्दी थी कि क्रूज को इतनी जल्दी डिस्मेंटल कर दिया गया? मामला अगले सप्ताह के लिए लिस्ट हुआ है। गौरतलब है कि मामले के संबंध में एक दिन पहले भी एक याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें प्रदेशभर में क्रूज-वोट सेवाएं रोकने की मांग की गई है।

प्रदेश में क्रूज-बोट सेवाएं रोकने की मांग को लेकर याचिका

बता दें कि, गुरुवार को भी एमपी हाईकोर्ट में बरगी डेम क्रूज हादसे को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में प्रदेश में क्रूज-बोट सेवाएं रोकने की मांग की गई थी। याचिका में राज्य शासन, एमपी टूरिज्म बोर्ड, आईडब्ल्यूआई, कलेक्टर जबलपुर और पुलिस अधीक्षक सहित आठ पक्षकार बनाए गए हैं। जनहित याचिकाकर्ता राजधानी भोपाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुमार राठी ने बरगी डेम क्रूज हादसे को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही निरूपित किया है। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई पर बल दिया है।

सेफ्टी ऑडिट पूरा होने तक बंद हो सेवाएं

कमल कुमार राठी ने याचिका में मांग की है कि राज्य के समस्त वाटर स्पोर्टस और क्रूज संचालन का सेफ्टी ऑडिट कराने और जांच पूर्ण होने तक सभी क्रूज-बोट सेवाएं बंद कर दी जाए। जनहित याचिका में यह तथ्य भी रेखांकित किया गया है कि बरगी डेम वेटलैंड क्षेत्र अंतर्गत आता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण, एनजीटी ने 2023 में ऐसे क्षेत्रों में मोटर चलित क्रूज संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बावजूद संचालन रोकने की दिशा में गंभीरता नदारद रही। (MP News)

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