ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके में एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया है, जहां स्कूटी अचानक आउट ऑफ कंट्रोल होने से युवती एक मंजिल गहरे लिफ्ट के गड्ढे में जा गिरी। घटना का CCTV फुटेज अब सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और स्पष्ट कर दिया है। घटना सिटी सेंटर स्थित नगर निगम ऑफिस के पास की है। दानाओली निवासी दीप्ति माथुर नगर निगम से एक रिश्तेदार का मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर लौट रही थीं। इसी दौरान मुख्यमंत्री के काफिले के कारण ट्रैफिक रोका गया था। जब दीप्ति ने स्कूटी मोड़ने के लिए उसे स्टार्ट किया, तभी अचानक एक्सीलेटर तेज हो गया और स्कूटी बेकाबू हो गई। वे संभल नहीं सकीं और पास ही मौजूद एक खुली लिफ्ट के चैंबर में जा गिरीं। सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवती को बाहर निकाल लिया था। वाहन में तकनीकी खराबी की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखा पूरा घटनाक्रम, पुलिसकर्मियों ने बचाई जान घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि स्कूटी अचानक तेज रफ्तार पकड़ती है और सीधे लिफ्ट के गड्ढे की ओर चली जाती है। हादसे के समय मौके पर VIP ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी मौजूद थे। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल युवती को लिफ्ट के गड्ढे से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। गनीमत रही कि समय रहते मदद मिल गई, वरना हादसा और भी गंभीर हो सकता था। एक्सपर्ट बोले- पुराने वाहनों में एथेनॉल मिले पेट्रोल से हादसे की आशंका ऑटो मैकेनिक फिरोज खान के मुताबिक, एथनॉल मिले पेट्रोल का असर पुराने (BS-4 या उससे पहले) वाहनों पर ज्यादा पड़ रहा है। इससे कार्बोरेटर और पिस्टन प्रभावित होते हैं, जिसके कारण एक्सीलेटर अचानक तेज हो सकता है या लॉक हो सकता है। उन्होंने बताया कि नए BS-6 (E20 कॉम्प्लीएंट) वाहनों में सेंसर और तकनीक एथनॉल को सपोर्ट करती है, लेकिन पुराने वाहन इस बदलाव के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है। ऑटोमोबाइल इंजीनियर कपिल सिंह के अनुसार, एथनॉल की अधिकता पुराने इंजनों में कई तकनीकी समस्याएं पैदा कर रही है। एथनॉल से पुराने वाहनों को 5 बड़े खतरे एक्सपर्ट ने बताया ऐसे करें बचाव


