जहानाबाद जीविका कार्यालय में जीविका दीदियों ने जमकर हंगामा किया। वे रोजगार के लिए दिए जाने वाले फॉर्म भरने में कथित मनमानी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। जीविका सदस्य मिंता देवी ने बताया कि सरकार ने चुनाव से पहले रोजगार के लिए 10-10 हजार रुपये दिए थे। अब सभी जीविका सदस्यों को 20,000 रुपये देने के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं, लेकिन जीविका की सीएम दीदी द्वारा मनमाने तरीके से फॉर्म भरे जा रहे हैं। जो पैसे देगा, उसी का फॉर्म भरा जाएगा
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अमीर लोगों और जिनके घरों में नौकरी है, उनके फॉर्म भरे जा रहे हैं, जबकि गरीब और वास्तव में रोजगार करने के इच्छुक लोगों के फॉर्म नहीं भरे जा रहे हैं। मिंता देवी के अनुसार, जब उन्होंने सीएम दीदी से शिकायत की, तो उन्हें जवाब मिला कि जो पैसे देगा, उसी का फॉर्म भरा जाएगा। इस मामले की शिकायत जीविका कार्यालय के पदाधिकारियों से भी की गई, लेकिन उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया। पदाधिकारियों ने कथित तौर पर कहा कि वे अपनी मर्जी से फॉर्म भरेंगे। विरोध करने वाली दीदियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जीविका सदस्यता से हटाने की धमकी दी जा रही है। मामले की शिकायत उच्च पदाधिकारियों से करेंगी
जीविका दीदियों ने घोषणा की है कि वे इस मामले की शिकायत उच्च पदाधिकारियों से करेंगी और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगी। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें रोजगार के लिए पैसा दिया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें, और इस प्रक्रिया में हो रही मनमानी को तुरंत रोका जाए। जहानाबाद जीविका कार्यालय में जीविका दीदियों ने जमकर हंगामा किया। वे रोजगार के लिए दिए जाने वाले फॉर्म भरने में कथित मनमानी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। जीविका सदस्य मिंता देवी ने बताया कि सरकार ने चुनाव से पहले रोजगार के लिए 10-10 हजार रुपये दिए थे। अब सभी जीविका सदस्यों को 20,000 रुपये देने के लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं, लेकिन जीविका की सीएम दीदी द्वारा मनमाने तरीके से फॉर्म भरे जा रहे हैं। जो पैसे देगा, उसी का फॉर्म भरा जाएगा
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अमीर लोगों और जिनके घरों में नौकरी है, उनके फॉर्म भरे जा रहे हैं, जबकि गरीब और वास्तव में रोजगार करने के इच्छुक लोगों के फॉर्म नहीं भरे जा रहे हैं। मिंता देवी के अनुसार, जब उन्होंने सीएम दीदी से शिकायत की, तो उन्हें जवाब मिला कि जो पैसे देगा, उसी का फॉर्म भरा जाएगा। इस मामले की शिकायत जीविका कार्यालय के पदाधिकारियों से भी की गई, लेकिन उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया। पदाधिकारियों ने कथित तौर पर कहा कि वे अपनी मर्जी से फॉर्म भरेंगे। विरोध करने वाली दीदियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जीविका सदस्यता से हटाने की धमकी दी जा रही है। मामले की शिकायत उच्च पदाधिकारियों से करेंगी
जीविका दीदियों ने घोषणा की है कि वे इस मामले की शिकायत उच्च पदाधिकारियों से करेंगी और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगी। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें रोजगार के लिए पैसा दिया जाए ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें, और इस प्रक्रिया में हो रही मनमानी को तुरंत रोका जाए।


