बरेली में ताजुश्शरिया के उर्स में शामिल होने आए बिहार के मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की मौत ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब उनकी पत्नी तबस्सुम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक और तीखा सवाल किया। तबस्सुम ने कहा, “क्या यूपी में दाढ़ी-टोपी वालों को रहने का अधिकार नहीं है? क्या एक आलिम-ए-दीन अपनी पहचान के साथ सुरक्षित नहीं रह सकता?” उन्होंने इस पूरी घटना को पुलिसिया थ्योरी के उलट सोची-समझी ‘मॉब लिंचिंग’ करार दिया है। तबस्सुम का दावा है कि उनके पति की मौत ट्रेन से गिरने की वजह से नहीं हुई, बल्कि उन्हें मजहबी पहचान के कारण प्रताड़ित कर ट्रेन से नीचे फेंका गया है। इंसाफ के लिए बिहार से बरेली पहुंची पत्नी, पुलिस की थ्योरी को नकारा बिहार के किशनगंज से बरेली पहुंची तबस्सुम ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल की रात जो कुछ भी हुआ, वह कोई सामान्य हादसा नहीं था। पुलिस जहां इसे गर्मी और नींद के झोंके के कारण गेट से गिरने की घटना मान रही है, वहीं तबस्सुम ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि तौसीफ रजा एक जिम्मेदार इंसान थे और वे इस तरह लापरवाही से गेट पर नहीं बैठ सकते थे। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ट्रेन में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी दाढ़ी और टोपी को निशाना बनाकर उनके साथ मारपीट शुरू की थी। वीडियो कॉल पर लाइव देखा जुल्म, ‘तमाचे मार रहे थे और कॉलर खींच रहे थे’ तबस्सुम ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि घटना वाली रात उनके पति का फोन आया था। उन्होंने घबराते हुए कहा था कि कुछ लोग उनके साथ जबरदस्ती कर रहे हैं और मारपीट कर रहे हैं। जब तबस्सुम ने वीडियो कॉल किया, तो उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि कुछ लोग उनके पति का कॉलर पकड़कर उन्हें घसीट रहे थे। तबस्सुम के मुताबिक, “वे लोग उन्हें तमाचे मार रहे थे और उन पर चोरी का झूठा आरोप लगा रहे थे। मेरे पति बार-बार कह रहे थे कि वे चोर नहीं हैं, वे एक मदरसे में पढ़ाते हैं और उनके पास सिर्फ किताबें और कपड़े हैं, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी।” अचानक मोबाइल पर अंधेरा छा गया और फिर कभी फोन नहीं उठा घटना के खौफनाक मंजर को याद करते हुए तबस्सुम ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान ही अचानक स्क्रीन पर अंधेरा छा गया। उसके बाद तौसीफ रजा की आवाज आनी बंद हो गई। उन्होंने पूरी रात बार-बार फोन मिलाया, रिंग जाती रही लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। अगली सुबह करीब 9:30 बजे उनके पास बरेली जीआरपी का फोन आया, जिससे उन्हें पता चला कि उनके पति का शव रेल की पटरियों पर मिला है। तबस्सुम का कहना है कि अगर यह हादसा होता तो उनके पति फोन पर मारपीट की बात क्यों करते? यूपी में मौलवियों के साथ बढ़ रही ऐसी घटनाएं, हमें सुरक्षा चाहिए तबस्सुम ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से खास पहचान रखने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पति के साथ जो हुआ, वैसा कई और मौलवियों के साथ भी हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब सुरक्षित रहने के लिए उन्हें अपनी दाढ़ी और टोपी हटानी पड़ेगी? उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और उन लोगों को ढूंढा जाए जो वीडियो कॉल में उनके पति को प्रताड़ित करते दिख रहे थे। निकाह को अभी दो साल भी नहीं हुए थे, उजड़ गया सुहाग भावुक होते हुए तबस्सुम ने बताया कि उनका निकाह 19 मई 2024 को हुआ था। अभी उनकी शादी की दूसरी सालगिरह आने में कुछ ही दिन बचे थे कि उनका घर उजड़ गया। तौसीफ रजा ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनसे पूरे परिवार का खर्च चलता था। अब उनके पीछे उनकी वृद्ध सास-ससुर हैं, जिनका सहारा छिन गया है। तबस्सुम ने कहा कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगी जब तक उनके पति के कातिलों को सजा नहीं मिल जाती। पुलिस का पक्ष: पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी की पत्नी तबस्सुम की तहरीर पर जीआरपी थाने जंक्शन पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। GRP इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में जो भी तथ्य आयेंगे उनके हिसाब से कार्यवाही की जाएगी। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। जो भी लोग इसमें इंवॉल्व है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। बरेली में ताजुश्शरिया के उर्स में शामिल होने आए बिहार के मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की मौत ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब उनकी पत्नी तबस्सुम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक और तीखा सवाल किया। तबस्सुम ने कहा, “क्या यूपी में दाढ़ी-टोपी वालों को रहने का अधिकार नहीं है? क्या एक आलिम-ए-दीन अपनी पहचान के साथ सुरक्षित नहीं रह सकता?” उन्होंने इस पूरी घटना को पुलिसिया थ्योरी के उलट सोची-समझी ‘मॉब लिंचिंग’ करार दिया है। तबस्सुम का दावा है कि उनके पति की मौत ट्रेन से गिरने की वजह से नहीं हुई, बल्कि उन्हें मजहबी पहचान के कारण प्रताड़ित कर ट्रेन से नीचे फेंका गया है। इंसाफ के लिए बिहार से बरेली पहुंची पत्नी, पुलिस की थ्योरी को नकारा बिहार के किशनगंज से बरेली पहुंची तबस्सुम ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल की रात जो कुछ भी हुआ, वह कोई सामान्य हादसा नहीं था। पुलिस जहां इसे गर्मी और नींद के झोंके के कारण गेट से गिरने की घटना मान रही है, वहीं तबस्सुम ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि तौसीफ रजा एक जिम्मेदार इंसान थे और वे इस तरह लापरवाही से गेट पर नहीं बैठ सकते थे। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ट्रेन में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी दाढ़ी और टोपी को निशाना बनाकर उनके साथ मारपीट शुरू की थी। वीडियो कॉल पर लाइव देखा जुल्म, ‘तमाचे मार रहे थे और कॉलर खींच रहे थे’ तबस्सुम ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि घटना वाली रात उनके पति का फोन आया था। उन्होंने घबराते हुए कहा था कि कुछ लोग उनके साथ जबरदस्ती कर रहे हैं और मारपीट कर रहे हैं। जब तबस्सुम ने वीडियो कॉल किया, तो उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि कुछ लोग उनके पति का कॉलर पकड़कर उन्हें घसीट रहे थे। तबस्सुम के मुताबिक, “वे लोग उन्हें तमाचे मार रहे थे और उन पर चोरी का झूठा आरोप लगा रहे थे। मेरे पति बार-बार कह रहे थे कि वे चोर नहीं हैं, वे एक मदरसे में पढ़ाते हैं और उनके पास सिर्फ किताबें और कपड़े हैं, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी।” अचानक मोबाइल पर अंधेरा छा गया और फिर कभी फोन नहीं उठा घटना के खौफनाक मंजर को याद करते हुए तबस्सुम ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान ही अचानक स्क्रीन पर अंधेरा छा गया। उसके बाद तौसीफ रजा की आवाज आनी बंद हो गई। उन्होंने पूरी रात बार-बार फोन मिलाया, रिंग जाती रही लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। अगली सुबह करीब 9:30 बजे उनके पास बरेली जीआरपी का फोन आया, जिससे उन्हें पता चला कि उनके पति का शव रेल की पटरियों पर मिला है। तबस्सुम का कहना है कि अगर यह हादसा होता तो उनके पति फोन पर मारपीट की बात क्यों करते? यूपी में मौलवियों के साथ बढ़ रही ऐसी घटनाएं, हमें सुरक्षा चाहिए तबस्सुम ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से खास पहचान रखने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पति के साथ जो हुआ, वैसा कई और मौलवियों के साथ भी हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब सुरक्षित रहने के लिए उन्हें अपनी दाढ़ी और टोपी हटानी पड़ेगी? उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और उन लोगों को ढूंढा जाए जो वीडियो कॉल में उनके पति को प्रताड़ित करते दिख रहे थे। निकाह को अभी दो साल भी नहीं हुए थे, उजड़ गया सुहाग भावुक होते हुए तबस्सुम ने बताया कि उनका निकाह 19 मई 2024 को हुआ था। अभी उनकी शादी की दूसरी सालगिरह आने में कुछ ही दिन बचे थे कि उनका घर उजड़ गया। तौसीफ रजा ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनसे पूरे परिवार का खर्च चलता था। अब उनके पीछे उनकी वृद्ध सास-ससुर हैं, जिनका सहारा छिन गया है। तबस्सुम ने कहा कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगी जब तक उनके पति के कातिलों को सजा नहीं मिल जाती। पुलिस का पक्ष: पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी की पत्नी तबस्सुम की तहरीर पर जीआरपी थाने जंक्शन पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। GRP इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में जो भी तथ्य आयेंगे उनके हिसाब से कार्यवाही की जाएगी। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। जो भी लोग इसमें इंवॉल्व है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।


