मुजफ्फरपुर में 1.9 लाख से ज्यादा स्व-गणना:अब घर-घर जा रही सर्वे टीम, जनगणना के लिए हर परिवार से पूछे जा रहे 33 सवाल

मुजफ्फरपुर में 1.9 लाख से ज्यादा स्व-गणना:अब घर-घर जा रही सर्वे टीम, जनगणना के लिए हर परिवार से पूछे जा रहे 33 सवाल

मुजफ्फरपुर में जनगणना को लेकर अब जमीनी स्तर पर काम तेज हो गया है। 1 मई तक जहां 1,09,797 लोगों ने स्व-गणना (Self Enumeration) पूरी कर ली, वहीं 2 मई से प्रगणकों की टीम घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रही है। प्रशासन ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि एक भी परिवार या व्यक्ति गणना से छूटना नहीं चाहिए। किस तरह से सर्वे का काम किया जा रहा, ये जानने के लिए हम मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा इलाके में पहुंचे, जहां टीम गणना के काम में जुटी थी। हर घर से 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। जानिए किस तरह के पूछे जा रहे सवाल…
सवालों के जरिए सरकार हर परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन कर रही है
घर-घर पहुंच रही टीम, हर दरवाजे पर दस्तक जब हमारी टीम नगर निगम क्षेत्र में पहुंची, तो देखा कि प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर लोगों से बातचीत कर रहे हैं। हाथ में मोबाइल-टैब लिए ये कर्मचारी हर परिवार से निर्धारित सवाल पूछकर डेटा दर्ज कर रहे हैं। कई जगह लोग खुद जानकारी देने के लिए तैयार मिले, तो कुछ जगह प्रगणकों को विस्तार से समझाना पड़ रहा था कि यह प्रक्रिया क्यों जरूरी है।
33 सवालों में जुटाई जा रही पूरी जानकारी नगर निगम क्षेत्र में गणना कर रहे टीम सुपरवाइजर रोहित कुमार ने बताया कि हर प्रगणक को उसका क्षेत्र (HLB) आवंटित कर दिया गया है। हर घर से कुल 33 बिंदुओं (प्रश्नों) पर जानकारी ली जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार का कन्फ्यूजन न रहे और एक समान डेटा इकट्ठा हो सके। रोहित कुमार ने स्पष्ट किया कि अभी किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट की फिजिकल जांच नहीं की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे सही और सटीक जानकारी दें, ताकि डेटा विश्वसनीय हो सके। घर का मुखिया बाहर हो तो भी होगी गणना अक्सर यह सवाल सामने आता है कि अगर घर का मुखिया बाहर हो तो क्या होगा? इस पर टीम ने बताया कि ऐसे मामलों में घर के अन्य सदस्य उनसे संपर्क कर जानकारी देंगे और गणना पूरी की जाएगी।
मुखिया की मौत हो चुकी हो तो क्या होगा? यदि घर के मुखिया की मृत्यु हो चुकी है, तो परिवार के अन्य प्रमुख सदस्य के नाम से गणना की जाएगी और पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी।
जमीन से जुड़ा डेटा, भविष्य की योजनाओं की नींव जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी प्रगणक घर-घर जाकर सही, सटीक और प्रमाणिक जानकारी जुटाएं और उसे डिजिटल माध्यम में दर्ज करें। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं और नीतियों की आधारशिला होते हैं, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित न रह जाए। हर घर तक पहुंचना और सभी 33 प्रश्नों के उत्तर सही तरीके से दर्ज करना अनिवार्य है। जानकारी पूरी तरह गोपनीय प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। इनका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा।
OTP और बैंक डिटेल कभी न दें जिलाधिकारी ने लोगों को आगाह किया है कि जनगणना के नाम पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति जो गणना के नाम पर पहुंचे उनके साथ OTP, पासवर्ड, बैंक खाता या वित्तीय जानकारी नहीं साझा करें। जो लोग अब तक स्व-गणना नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह घर-घर सर्वे बेहद महत्वपूर्ण है। प्रगणक निर्धारित समयसीमा के भीतर हर घर पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के विकास की नींव है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए और प्रशासन का सहयोग करे। मुजफ्फरपुर में जनगणना को लेकर अब जमीनी स्तर पर काम तेज हो गया है। 1 मई तक जहां 1,09,797 लोगों ने स्व-गणना (Self Enumeration) पूरी कर ली, वहीं 2 मई से प्रगणकों की टीम घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रही है। प्रशासन ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि एक भी परिवार या व्यक्ति गणना से छूटना नहीं चाहिए। किस तरह से सर्वे का काम किया जा रहा, ये जानने के लिए हम मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा इलाके में पहुंचे, जहां टीम गणना के काम में जुटी थी। हर घर से 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। जानिए किस तरह के पूछे जा रहे सवाल…
सवालों के जरिए सरकार हर परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन कर रही है
घर-घर पहुंच रही टीम, हर दरवाजे पर दस्तक जब हमारी टीम नगर निगम क्षेत्र में पहुंची, तो देखा कि प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर लोगों से बातचीत कर रहे हैं। हाथ में मोबाइल-टैब लिए ये कर्मचारी हर परिवार से निर्धारित सवाल पूछकर डेटा दर्ज कर रहे हैं। कई जगह लोग खुद जानकारी देने के लिए तैयार मिले, तो कुछ जगह प्रगणकों को विस्तार से समझाना पड़ रहा था कि यह प्रक्रिया क्यों जरूरी है।
33 सवालों में जुटाई जा रही पूरी जानकारी नगर निगम क्षेत्र में गणना कर रहे टीम सुपरवाइजर रोहित कुमार ने बताया कि हर प्रगणक को उसका क्षेत्र (HLB) आवंटित कर दिया गया है। हर घर से कुल 33 बिंदुओं (प्रश्नों) पर जानकारी ली जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार का कन्फ्यूजन न रहे और एक समान डेटा इकट्ठा हो सके। रोहित कुमार ने स्पष्ट किया कि अभी किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट की फिजिकल जांच नहीं की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे सही और सटीक जानकारी दें, ताकि डेटा विश्वसनीय हो सके। घर का मुखिया बाहर हो तो भी होगी गणना अक्सर यह सवाल सामने आता है कि अगर घर का मुखिया बाहर हो तो क्या होगा? इस पर टीम ने बताया कि ऐसे मामलों में घर के अन्य सदस्य उनसे संपर्क कर जानकारी देंगे और गणना पूरी की जाएगी।
मुखिया की मौत हो चुकी हो तो क्या होगा? यदि घर के मुखिया की मृत्यु हो चुकी है, तो परिवार के अन्य प्रमुख सदस्य के नाम से गणना की जाएगी और पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी।
जमीन से जुड़ा डेटा, भविष्य की योजनाओं की नींव जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी प्रगणक घर-घर जाकर सही, सटीक और प्रमाणिक जानकारी जुटाएं और उसे डिजिटल माध्यम में दर्ज करें। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं और नीतियों की आधारशिला होते हैं, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित न रह जाए। हर घर तक पहुंचना और सभी 33 प्रश्नों के उत्तर सही तरीके से दर्ज करना अनिवार्य है। जानकारी पूरी तरह गोपनीय प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। इनका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा।
OTP और बैंक डिटेल कभी न दें जिलाधिकारी ने लोगों को आगाह किया है कि जनगणना के नाम पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति जो गणना के नाम पर पहुंचे उनके साथ OTP, पासवर्ड, बैंक खाता या वित्तीय जानकारी नहीं साझा करें। जो लोग अब तक स्व-गणना नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह घर-घर सर्वे बेहद महत्वपूर्ण है। प्रगणक निर्धारित समयसीमा के भीतर हर घर पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के विकास की नींव है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए और प्रशासन का सहयोग करे।  

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