पीलीभीत में एक बैंक शाखा प्रबंधक पर राइस मिल मालिक के साथ 4.15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आरोप है कि पंजाब एंड सिंध बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कम ब्याज और अधिक ऋण का लालच देकर पहले खाता ट्रांसफर कराया, फिर चेक की फोटो का उपयोग कर खाते से यह रकम निकाल ली। यह मामला ‘उजैफा इग्रीटेग राइस मिल’ के मालिक मोहम्मद जीशान से जुड़ा है, जो कोतवाली क्षेत्र की केजीएन टू कॉलोनी के निवासी हैं। पीड़ित के अनुसार, उनका खाता पहले इंडियन बैंक में था। कम ब्याज पर लोन देने का झांसा दिया
आरोप है कि पंजाब एंड सिंध बैंक की टनकपुर बाइपास शाखा के तत्कालीन प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर ने मोहम्मद जीशान को कम ब्याज दर और 25 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। इसके बाद जीशान ने अपना खाता पंजाब एंड सिंध बैंक में स्थानांतरित कर दिया। साल 2024 में बैंक ने उनका 15 करोड़ रुपए का ऋण भी स्वीकृत किया था। व्हाट्सएप पर चेक की फोटो मंगाई
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, शाखा प्रबंधक प्रभाकर ने क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया के बहाने मोहम्मद जीशान से व्हाट्सएप के माध्यम से विभिन्न चेक की फोटो मंगवाईं। आरोप है कि 6 मई 2025 से 23 जनवरी 2026 के बीच जीशान ने लगभग 20 चेक की तस्वीरें भेजी थीं। पीड़ित ने बताया कि इन चेक पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे और मूल चेक आज भी उनके पास सुरक्षित हैं। इसके बावजूद, बैंक प्रबंधक ने इन तस्वीरों का उपयोग कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। फोटो का इस्तेमाल कर रुपए निकाले
जीशान का आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने अन्य बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से केवल चेक की फोटो का इस्तेमाल कर खाते से 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए। जब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने शिकायत की, तो बैंक अधिकारियों ने ब्याज सहित रकम लौटाने का आश्वासन दिया। हालांकि, बाद में बैंक अपने आश्वासन से मुकर गया। इसके बाद, पीड़ित मोहम्मद जीशान ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद, थाना सुनगढ़ी पुलिस ने शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर और अन्य अज्ञात बैंक कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।


