रिपोर्ट लिखाने थाने गया था 22 साल का युवक, अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत, परिजनों ने किया हंगामा

रिपोर्ट लिखाने थाने गया था 22 साल का युवक, अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत, परिजनों ने किया हंगामा

Byawara police station incident: ब्यावरा के जेपला गांव के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार सुबह मौत हो गई। वह अपने थाने में अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत दर्ज कराने आया था, तभी अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन व पुलिस उसे लेकर अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि 30 अप्रेल को देवबड़ली स्थित देवनारायण मंदिर में भंडारे के दौरान गांव के पांच लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी। इसी मारपीट में आई अंदरूनी चोटों से युवक की जान चली गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने मारपीट करने वाले पर हत्या का केस दर्ज कराने की मांग को लेकर अस्पताल में हंगामा भी किया।

जेपला गांव निवासी 22 वर्षीय सोनू पुत्र हनुमत सिंह गुर्जर शनिवार सुबह अपनी नानी बादामबाई, ममेरे भाई कमल के साथ शहर थाने पहुंचा था। वह उसके साथ भंडारे में हुई मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने गया था, तभी अचानक से थाने में उसकी तबियत बिगड़ी और परिजन पुलिस की मदद से उसे पुलिस वाहन से ही सिविल अस्पताल लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों व रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो गई। परिजन इसे मारपीट से मौत बताते हुए हत्या का केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे और काफी देर तक हंगामा किया। परिजन पोस्टमार्टम कराने तैयार नहीं हुए। सूचना मिलते ही एसडीओपी प्रकाश शर्मा, टीआइ वीरेंद्र धाकड़ अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी। साथ ही मौके पर ही मर्ग कायम किया। पुलिस का कहना है कि, मौत संदिग्ध हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह है पूरा मामला

मृतक के ममेरे भाई कमल गुर्जर ने बताया कि गुरुवार को देवबड़ली देवस्थान पर भंडारे का आयोजन था। इसी दौरान गांव की राधेश्याम, सगुनबाई, मानसिंह, अजब सिंह और निरंजन सिंह नामक लोगों ने सोनू के साथ मारपीट की थी। घटना के बाद रात में वह इलाज के लिए ब्यावरा आया और फिर वापस गांव चला गया। शुक्रवार दोपहर को पेट दर्द की शिकायत लेकर पुन: ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचा, जहां डाक्टर की सलाह पर निजी पैथोलॉजी में सोनोग्राफी कराई।

रिपोर्ट के आधार पर दोपहर 12.37 बजे उसका पर्चा बनाकर भर्ती कराया। शनिवार सुबह असपताल से ही सीधे परिजनों के साथ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा था, तभी अचानक से उसकी तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। मृतक के परिजनों के अनुसार, देवबड़ली पर भंडारे के दौरान विवाद में सोनू से की गई मारपीट की घटना की उसने किसी को जानकारी नहीं दी थी।

परिजनों का कहना है कि शुक्रवार को वह इलाज के लिए अस्पताल आया, तब भी उसने मारपीट की बात नहीं बताई। शनिवार सुबह उसने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद वे उसे लेकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे थे, तभी सोनू की तबियत ज्यादा बिगड़ी।

डॉक्टरों की बंद कमरे में चर्चा बनी रहस्य

तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉ. सोनल गोयल ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मौत को लेकर असहमत रहने से डॉ. शरद साहू, अस्पताल अधीक्षक डॉ. सौरिन दत्ता ने भी परीक्षण कर सोनू को मृत घोषित किया। परिजनों के हंगामे के बीच डॉ. लखन दांगी, डॉ. सोनल दांगी के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। हालांकि पोस्टमार्टम से पहले एसडीओपी शर्मा, टीआइ धाकड़ ने डॉक्टर टीम से बंद कमरे में चर्चा की। इस गुप्त चर्चा को लेकर भी तरह- तरह की बातें होती रही।

संदिग्ध है मामला

परिजन उसे रिपोर्ट दर्ज कराने लाए थे, हालत बिगडऩे पर मैंने ही अस्पताल पहुंचवाया था। भंडारे में उसके साथ पांच लोगों द्वारा की गई मारपीट से मौत होने के आरोप लगाए हैं। इसलिए हमने पैनल से पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

-वीरेंद्र धाकड़, टीआइ शहर थाना ब्यावरा

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