चीन का प्रॉपर्टी मार्केट (China property market) पिछले चार साल से लगातार मंदी की ओर जाता दिखाई दे रहा है। ऐसे में इस मंदी से निकलने का रास्ता फिलहाल नजर नहीं आता। रिपोर्ट के अनुसार 70 शहरों में घरों की कीमतें करीब दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं। यानी कि 2005 में जमीन की जो कीमत चीन के बाजार में थी वह आज गिरकर फिर वहीं पहुंच गई हैं।
इसके साथ ही कभी चीन की जीडीपी में रियल स्टेट (China GDP real estate) का हिस्सा करीब 25 फीसदी हुआ करता था। इसके अलावा वहां के करोड़ों परिवारों की कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी में लगा है। ऐसे में कीमतें गिरने का मतलब है आम लोगों की बचत और संपत्ति का सीधे तौर पर कम होना। चीन के प्रॉपर्टी मार्केट में ऐसी मंदी से क्या भारत पर भी इसका असर पड़ेगा इस बात की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है।
चीन में क्या हो रहा है?
बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के आंकड़ों के मुताबिक, चीन का महंगाई-समायोजित रिहायशी प्रॉपर्टी प्राइस इंडेक्स 2025 की चौथी तिमाही में गिरकर 86.79 पर आ गया। इससे पहले 2021 में यह 113 था जो अब तक का सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी प्राइस इंडेक्स था। 2021 से 2025 तक में आई यह गिरावट करीब 23 फीसदी की गिरावट है। यानी चार साल में बाजार की एक चौथाई से ज्यादा वैल्यू खत्म हो गई। विशेषज्ञ इसे अचानक आई तबाही नहीं बल्कि एक “स्लो-मोशन कोलैप्स” यानी धीमी गति से हो रही तबाही कह रहे हैं।
2025 के पहले दस महीनों में रियल एस्टेट निवेश 14.7 फीसदी गिरा। नए मकानों की बिक्री लगातार पांच साल से घट रही है और बिना बिके तैयार घरों का स्टॉक बढ़कर 391 मिलियन स्क्वायर मीटर तक पहुंच गया है जो 2021 के मुकाबले 72 फीसदी ज्यादा है।
डेवलपर्स पर पड़ी है सबसे ज्यादा मार
इस संकट की सबसे बड़ी मार चीन के दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर्स पर पड़ी है। एवरग्रांडे (Evergrande) 300 अरब डॉलर से ज्यादा के कर्ज तले दब गया और अगस्त 2025 में हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट हो गया। कंट्री गार्डन (Country Garden) अपनी देनदारियां चुकाने में नाकाम रहा। वहीं वांके (Vanke), जिसे लंबे समय तक एक स्थिर और भरोसेमंद कंपनी माना जाता था, उसने 2024 में 6.8 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड घाटा दर्ज किया।
क्या भारत में भी गिरेंगे प्रॉपर्टी के दाम?
भारत में यह बहस सोशल मीडिया पर जोरों पर है कि क्या भारत में भी प्रॉपर्टी के दामों में गिरावट देखी जाएगी? लेकिन इसका सीधा और सरल जवाब है नहूीं ऐसा नहीं होगा। प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म लाइसिस फोरास कि रिपोर्ट के मुताबिक भारत के प्रोपर्टी बाजार (housing market India) में इस वक्त हल्की बढ़ोतरी है जो सालाना 4 से 10 फीसदी के बीच है। रिपोर्ट बताती है कि भारत का रियल स्टेट मार्केट एक मजबूत स्थिति में है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही बिना बिके घऱों की बात करें तो इसका टाइम पीरियड 15 महीनों से ज्यादा नहीं है।
इसके अलावा भारत और चीन के हाउसिंग मार्केट की बुनियाद एक जैसी नहीं है। भारत में मांग अभी भी ज्यादा है और देश की बड़ी आबादी के पास पक्का घर नहीं है। ऐसे में भारत में इस तरह की चिंता की कोई बात नहीं है।


