Gujarat Ahmedabad Election: गुजरात की सियासत में एक बार फिर भाजपा (BJP) का दबदबा साफ नजर आया है। अहमदाबाद नगर निगम चुनाव (Ahmedabad Municipal Corporation Elections 2026) की मतगणना के बीच पार्टी ने बड़ा प्रदर्शन करते हुए 9 वार्डों में सभी सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। इस नतीजे ने विपक्ष के लिए चिंता बढ़ा दी है और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जीत के संकेत भी दिख रहे हैं।
कई वार्ड में एकतरफा जीत, विपक्ष सिमटा
मतगणना के शुरुआती रुझानों से ही साफ हो गया था कि भाजपा कई इलाकों में मजबूत स्थिति में है। इसानपुर, थलतेज, वेजलपुर, नवा वडाज, असरवा, जोधपुर और चांदखेड़ा जैसे वार्डों में पार्टी ने चारों सीटें जीत लीं। इन इलाकों में विपक्ष को कोई खास सफलता नहीं मिली।
गोटा वार्ड में भी BJP का कब्जा बरकरार
वार्ड नंबर 1 गोटा में भाजपा ने अपनी पुरानी पकड़ बनाए रखी। यहां पार्टी के उम्मीदवार पायल बेन पटेल, हीना पटेल, विष्णुभाई प्रजापति और केतनकुमार पटेल ने जीत हासिल की। इस वार्ड में पहले भी भाजपा का दबदबा रहा है और इस बार भी नतीजे उसी दिशा में गए।
अमराईवाड़ी में बदला समीकरण
अमराईवाड़ी वार्ड में इस बार पूरी तस्वीर बदल गई। 2021 में यहां कांग्रेस को एक सीट मिली थी, लेकिन इस बार भाजपा ने चारों सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस के मौजूदा पार्षद जगदीशभाई राठौड़ को हार का सामना करना पड़ा, जो पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कुल 192 सीटों पर जारी मतगणना
अहमदाबाद नगर निगम की 48 वार्डों की 192 सीटों के लिए मतगणना जारी है। इनमें से दो सीटें पहले ही भाजपा के खाते में बिना मुकाबले चली गई थीं। वासना और थलतेज की एक-एक सीट पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध जीत चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा ने 190 उम्मीदवार उतारे थे, जबकि कांग्रेस ने 185 प्रत्याशी मैदान में उतारे। आम आदमी पार्टी ने भी 151 उम्मीदवारों के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, लेकिन अब तक के रुझानों में उसका असर सीमित ही नजर आ रहा है।
पूरे गुजरात में बड़ा चुनावी अभ्यास
यह सिर्फ अहमदाबाद तक सीमित मुकाबला नहीं है। पूरे गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के तहत 15 नगर निगम, 84 नगर पालिका, 34 जिला पंचायत और 260 तालुका पंचायतों में मतदान हुआ है। कुल मिलाकर 9,200 सीटों के लिए यह बड़ा चुनावी अभ्यास है। इस बार करीब 4.18 करोड़ मतदाता वोट देने के पात्र थे, जिससे यह चुनाव राज्य के सबसे बड़े स्थानीय चुनावों में से एक बन गया।
OBC आरक्षण के नए नियमों का असर
इन चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण के नए नियम लागू किए गए थे। इसके चलते कई जगह वार्डों की सीमाएं बदली गईं और नए सिरे से परिसीमन हुआ। इसका असर चुनावी समीकरण पर भी पड़ा है, जिसे नतीजों में साफ देखा जा सकता है। इस बार 9 नए नगर निगमों में भी पहली बार चुनाव हुए। नवसारी, गांधीनगर के पास गांधिधाम, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर जैसे शहरों में पहली बार मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधि चुने।
जानिए अहमदाबाद में कौन-कौन से 48 वार्ड हैं?
अहमदाबाद में 48 वार्ड हैं, चांदखेड़ा-मोटेरा, साबरमती, शाहीबाग, वस्त्राल, भाईपुरा-हाटकेश्वर, ठक्कर बापानगर, सरसपुर, सरदारनगर, नरोदा, कुबेरनगर, सैजपुर बोघा, गोटा, चांदलोडिया, घाटलोडिया,बेहरामपुरा, लांभा, इसानपुर, वटवा, सरखेज, जोधपुर, वेजलपुर, मकतमपुरा, रानीप, अमराईवाड़ी, रामोल-हाथिजन, निकोल, विराटनगर, बापूनगर, इंडिया कॉलोनी, नारणपुरा, नवा वदाज, एसपी स्टेडियम, नवरंगपुरा, पालडी, वस्त्रापुर, वासना, शाहपुर, दरियापुर, जमालपुर, खड़िया, असरवा, इंद्रपुरी, खोखरा, मणिनगर, दानिलिम्दा, थलतेज, बोदकदेव, गोमतीपुर, ओधव


