‘पप्पू यादव की सोच घटिया, मनुवादी मानसिकता है’:सांसद के बयान पर भड़की पटना की छात्राएं, कहा- वो चाहते हैं महिलाएं उनके इशारे पर चलें

पहले यह बयान पढ़िए ‘यह बहुत ही घटिया सोच है। लड़का-लड़की दोनों का अपना टैलेंट होता है। ऐसी सोच ही समाज में लड़कियों को पीछे करती है।’ यह कहना है पटना की छात्राओं का। पप्पू यादव का महिलाओं की राजनीति पर दिए विवादित बयान पर पटना की छात्राओं में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कुछ लड़कियां उनकी सोच को घटिया मानती हैं तो कुछ उन्हें मनुवादी सोच वाला कह रही हैं। कई लड़कियों का यह भी कहना है कि पप्पू यादव चाहते हैं कि असली राजनीति वो करके बाबा बने। बाकी महिलाएं तभी सामने आएं, जब उन्हें कोई निर्देश दिया जाए। वही बात बोले, जो किसी पुरुष नेता द्वारा कहा गया हो। पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव के महिला राजनेताओं पर विवादित बयान को लेकर भास्कर ने पटना की छात्राओं से बतचीत की। जानिए उनका क्या कहना है…। पप्पू यादव की सोच बहुत ही घटिया है- आफरीन आफरीन ने कहा कि, ‘पप्पू यादव की यह सोच बहुत ही घटिया है। अगर कोई पुरुष ऐसा सोच रहा है कि महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती तो वह बहुत गलत सोच है। लड़का हो या लड़की, सबका अपना टैलेंट होता है।’ इसके अलावा महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि, ‘यह बहुत ही जरूरी है। अगर किसी क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो यह कहा जाता है कि लड़की होने के कारण उसे प्रमोशन मिला है या आगे बढ़ाया गया है। कभी भी महिलाओं का टैलेंट नहीं देखा जाता है।’ महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो उनके चरित्र पर सवाल उठता है- मनीषा मनीषा ने कहा कि, ऐसी बातें अगर पप्पू यादव बोल रहे हैं तो वह उनकी घटिया मानसिकता है। वह जो बोल रहे हैं, वह सरासर गलत है। उन्होंने इस पर माफी जरूर मांगी है, लेकिन माफी मांगने से ज्यादा जरूरी कुछ भी बात को सोच समझ कर बोलना है। पप्पू यादव महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक मानते हैं- सबा सबा ने कहा कि, ‘पप्पू यादव जिस तरह का स्टेटमेंट देते हैं, वह एक समाज की मानसिकता को दर्शाता है। यह बात अलग है कि उन्होंने माफी मांगी है। मगर उनका बयान राजनीति में महिलाओं को लेकर किस तरह की सोच रखी जाती है, उस बात को दर्शाता है। उन्हें ऐसा लगता है कि अगर महिलाएं राजनीति में आगे आ रही हैं, आवाज उठा रही हैं तो उनका एजेंडा कुछ और होना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘पप्पू यादव को ऐसा लगता है कि पुरुष ही राजनीति समझते हैं। महिलाएं अपने दम पर कुछ नहीं कर सकती है। उनके इस नरेटिव को तोड़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में महिलाओं का राजनीति में आना जरूरी है।’ सांसद का बयान मनुवादी सोच को दर्शाता है- प्रिया प्रिया ने कहा कि, एक नेता का महिलाओं के प्रति ऐसा बयान, उनके भेदभाव और मनुवादी सोच को दर्शाता है। महिलाओं को तो एक इंसान भी नहीं माना जाता है। पप्पू यादव एक राजनेता हैं, उन्हें इस तरह का सोच नहीं रखना चाहिए।’ पहले यह बयान पढ़िए ‘यह बहुत ही घटिया सोच है। लड़का-लड़की दोनों का अपना टैलेंट होता है। ऐसी सोच ही समाज में लड़कियों को पीछे करती है।’ यह कहना है पटना की छात्राओं का। पप्पू यादव का महिलाओं की राजनीति पर दिए विवादित बयान पर पटना की छात्राओं में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। कुछ लड़कियां उनकी सोच को घटिया मानती हैं तो कुछ उन्हें मनुवादी सोच वाला कह रही हैं। कई लड़कियों का यह भी कहना है कि पप्पू यादव चाहते हैं कि असली राजनीति वो करके बाबा बने। बाकी महिलाएं तभी सामने आएं, जब उन्हें कोई निर्देश दिया जाए। वही बात बोले, जो किसी पुरुष नेता द्वारा कहा गया हो। पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव के महिला राजनेताओं पर विवादित बयान को लेकर भास्कर ने पटना की छात्राओं से बतचीत की। जानिए उनका क्या कहना है…। पप्पू यादव की सोच बहुत ही घटिया है- आफरीन आफरीन ने कहा कि, ‘पप्पू यादव की यह सोच बहुत ही घटिया है। अगर कोई पुरुष ऐसा सोच रहा है कि महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती तो वह बहुत गलत सोच है। लड़का हो या लड़की, सबका अपना टैलेंट होता है।’ इसके अलावा महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि, ‘यह बहुत ही जरूरी है। अगर किसी क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो यह कहा जाता है कि लड़की होने के कारण उसे प्रमोशन मिला है या आगे बढ़ाया गया है। कभी भी महिलाओं का टैलेंट नहीं देखा जाता है।’ महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो उनके चरित्र पर सवाल उठता है- मनीषा मनीषा ने कहा कि, ऐसी बातें अगर पप्पू यादव बोल रहे हैं तो वह उनकी घटिया मानसिकता है। वह जो बोल रहे हैं, वह सरासर गलत है। उन्होंने इस पर माफी जरूर मांगी है, लेकिन माफी मांगने से ज्यादा जरूरी कुछ भी बात को सोच समझ कर बोलना है। पप्पू यादव महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक मानते हैं- सबा सबा ने कहा कि, ‘पप्पू यादव जिस तरह का स्टेटमेंट देते हैं, वह एक समाज की मानसिकता को दर्शाता है। यह बात अलग है कि उन्होंने माफी मांगी है। मगर उनका बयान राजनीति में महिलाओं को लेकर किस तरह की सोच रखी जाती है, उस बात को दर्शाता है। उन्हें ऐसा लगता है कि अगर महिलाएं राजनीति में आगे आ रही हैं, आवाज उठा रही हैं तो उनका एजेंडा कुछ और होना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘पप्पू यादव को ऐसा लगता है कि पुरुष ही राजनीति समझते हैं। महिलाएं अपने दम पर कुछ नहीं कर सकती है। उनके इस नरेटिव को तोड़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में महिलाओं का राजनीति में आना जरूरी है।’ सांसद का बयान मनुवादी सोच को दर्शाता है- प्रिया प्रिया ने कहा कि, एक नेता का महिलाओं के प्रति ऐसा बयान, उनके भेदभाव और मनुवादी सोच को दर्शाता है। महिलाओं को तो एक इंसान भी नहीं माना जाता है। पप्पू यादव एक राजनेता हैं, उन्हें इस तरह का सोच नहीं रखना चाहिए।’  

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