रामपुर कचहरी परिसर में गुरुवार दोपहर एक युवक ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आत्मदाह का प्रयास करने वाला युवक सचिन कुमार है, जो नैनीताल हाईवे स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम में प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है। दो दिन पहले कचहरी आने पर उसकी ड्यूटी पर तैनात सिपाही पवित्र कुमार से कहासुनी हो गई थी। सचिन का आरोप है कि सिपाही ने उसे थप्पड़ मारकर अपमानित किया था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। आज उठाए गए कदम को लेकर सचिन से बात करने की कोशिश की लेकिन सचिन ने बात करने से इंकार कर दिया। जिस दिन थप्पड़ मारा उस दिन की शिकायत को लेकर संबंधित सिपाही पवित्र कुमार को पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद, गुरुवार को सचिन दोबारा कचहरी परिसर पहुंचा। उसने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद वकीलों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। घटना के बाद परिसर में भीड़ जमा हो गई और तनाव का माहौल बन गया। कई जज भी अपने चैंबरों से बाहर आ गए। सूचना मिलने पर सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला जज भानु देव शर्मा ने दो सदस्यीय न्यायिक अधिकारियों की कमेटी गठित की है। यह कमेटी घटना की निष्पक्ष जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी विचार करेगी।


