सीवान के पुलिस महकमे से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो रघुनाथपुर थाना में पूर्व में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर सुजीत कुमार और डायल 112 की एक महिला सिपाही से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पुराना है, क्योंकि संबंधित अधिकारी वर्तमान में पचरुखी थाना में तैनात हैं। वहीं महिला सिपाही पुलिस लाइन में पदस्थापित है। वीडियो में एक कमरे का दृश्य दिखाई दे रहा है, जहां दीवार पर पुलिस की वर्दी टंगी हुई है और दोनों आपसी सहमति से निजी क्षणों में नजर आ रहे हैं। इसी दौरान किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा वेंटिलेटर के जरिए वीडियो बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। वीडियो में यह भी प्रतीत होता है कि महिला सिपाही को किसी गतिविधि का आभास होता है और वीडियो बना रहा व्यक्ति भागने लगता है। वीडियो डिलीट करने के नाम पर किया ब्लैकमेल इस घटना के सामने आने के बाद यह भी जानकारी मिली है कि वीडियो बनाने वाले लोगों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। कथित तौर पर वीडियो डिलीट करने के नाम पर दबाव बनाया गया। जब इस मामले की जानकारी पुलिस विभाग को पहले मिली थी, तब दोनों को उनके वर्तमान स्थानों पर ट्रांसफर कर दिया गया था। SP ने दोनों पुलिसकर्मियों को किया निलंबित हालांकि लंबे समय बाद यह वीडियो अचानक सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का इस तरह दुरुपयोग समाज के लिए खतरनाक संकेत है। जहां एक ओर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर वीडियो बनाने और उसे फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सीवान के पुलिस महकमे से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो रघुनाथपुर थाना में पूर्व में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर सुजीत कुमार और डायल 112 की एक महिला सिपाही से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पुराना है, क्योंकि संबंधित अधिकारी वर्तमान में पचरुखी थाना में तैनात हैं। वहीं महिला सिपाही पुलिस लाइन में पदस्थापित है। वीडियो में एक कमरे का दृश्य दिखाई दे रहा है, जहां दीवार पर पुलिस की वर्दी टंगी हुई है और दोनों आपसी सहमति से निजी क्षणों में नजर आ रहे हैं। इसी दौरान किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा वेंटिलेटर के जरिए वीडियो बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। वीडियो में यह भी प्रतीत होता है कि महिला सिपाही को किसी गतिविधि का आभास होता है और वीडियो बना रहा व्यक्ति भागने लगता है। वीडियो डिलीट करने के नाम पर किया ब्लैकमेल इस घटना के सामने आने के बाद यह भी जानकारी मिली है कि वीडियो बनाने वाले लोगों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। कथित तौर पर वीडियो डिलीट करने के नाम पर दबाव बनाया गया। जब इस मामले की जानकारी पुलिस विभाग को पहले मिली थी, तब दोनों को उनके वर्तमान स्थानों पर ट्रांसफर कर दिया गया था। SP ने दोनों पुलिसकर्मियों को किया निलंबित हालांकि लंबे समय बाद यह वीडियो अचानक सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का इस तरह दुरुपयोग समाज के लिए खतरनाक संकेत है। जहां एक ओर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर वीडियो बनाने और उसे फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।


