MSP wheat purchase: जयपुर. कोटा संभाग में गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारु और तेज बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने भामाशाह मंडी में एफसीआई को प्रतिदिन 80 हजार कट्टे गेहूं की तुलाई न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मंडियों से गेहूं का समय पर उठाव सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
सोमवार को कोटा सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री नागर ने कहा कि इस वर्ष गेहूं की बुआई अधिक होने के कारण उत्पादन भी बढ़ा है। ऐसे में खरीद की गति बढ़ाने और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पहले से ठोस तैयारियां आवश्यक हैं। उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गोदामों में गाड़ियों को खाली करने की प्रक्रिया तेज करें, ताकि मंडियों में गेहूं का अंबार न लगे।
बैठक के दौरान मंत्री ने एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से बातचीत कर अतिरिक्त मजदूरों की व्यवस्था करने और बड़े खरीद केंद्रों से गेहूं उठाव के लिए रोटेशन के आधार पर रेल रेक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय पर उठाव नहीं हुआ तो भंडारण की कमी के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
किसानों के पंजीकरण के अनुसार ही कूपन जारी
नागर ने राजफैड, तिलम संघ और अन्य एजेंसियों द्वारा अब तक की गई गेहूं खरीद की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के पंजीकरण के अनुसार ही कूपन जारी किए जाएं, ताकि वे समय पर अपनी उपज मंडियों में ला सकें और तुलाई में देरी न हो। साथ ही किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बारदाने की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हो तो सहकारिता विभाग के अतिरिक्त गोदाम किराए पर लेकर भंडारण क्षमता बढ़ाई जाए। इसके अलावा एफसीआई द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे बारदाने की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि गेहूं की सुरक्षित पैकिंग और भंडारण सुनिश्चित हो सके।
सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।


