चौथकाबरवाड़ा। क्षेत्र के रामसिंहपुरा गांव में रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां खेतों में काम कर रहे एक 11 वर्षीय किशोर पर अचानक लैपर्ड ने हमला कर दिया। इस दौरान बच्चे की मां कमली ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए निहत्थे ही बघेरे का सामना किया और अपने बेटे की जान बचा ली।
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खेत में किया था हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विश्वास मीणा (11), पुत्र अमित मीणा, खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान झाड़ियों से निकलकर आए लैपर्ड ने उस पर अचानक हमला कर दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर उसकी मां कमली तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उसने बिना किसी हथियार के ही लैपर्ड का सामना करने का निर्णय लिया।
बिना हथियार किया था सामना
कमली ने बताया कि जैसे ही उसने अपने बेटे को बघेरे के चंगुल में देखा, वह जोर-जोर से चिल्लाते हुए उसकी ओर दौड़ी। उसने खेत में पड़े मिट्टी के ढेले उठाकर लगातार लैपर्ड पर फेंकना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस प्रतिरोध और शोर-शराबे से लैपर्ड घबरा गया और बच्चे को छोड़कर वहां से भाग निकला। इस तरह कमली ने अपनी जान की परवाह किए बिना बेटे को मौत के मुंह से खींच लाया।
इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद घायल विश्वास को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे को चोटें आई हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर है। इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
वन विभाग से ग्रामीणों की मांग
उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से लैपर्ड का आतंक बना हुआ है और वह कई बार पशुओं पर भी हमला कर चुका है। इसके बावजूद कई बार सूचना देने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द लैपर्ड को पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं क्षेत्र में मां की वीरता के चर्चे हो रहे हैं।


