Bharatpur New Gazetteer : राजस्थान सरकार भरतपुर के इतिहास, भूगोल व आर्थिक गतिविधियों सहित अन्य जानकारियों को अपडेट कर नए सिरे से गजेटियर जारी करेगी। वर्ष 1971 के बाद पहली बार इसे नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसका ड्राफ्ट दस्तावेज तैयार हो गया है, जो मुख्यमंत्री स्तर पर विचाराधीन है। जिला प्रोफाइल के रूप में दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह सरकारी दस्तावेज होते हैं, जिनमें जिले या क्षेत्र की गहन और तथ्यात्मक जानकारी (जैसे जनसंख्या, साम्हरता, उद्योग) मिलती है। इससे किसी स्थान के प्राचीन इतिहास, भौगोलिक स्थिति, नदियों, पहाड़ों और जलवायु के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है।
यह जिला प्रशासकों, योजनाकारों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तक है, इससे वे क्षेत्र की जरूरतों और पृष्ठभूमि को समझ सकते हैं। इसमें स्थानीय जातियों, बोलियों, साहित्य, मेलों और त्योहारों का वर्णन होता है, जो सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करता है। यह स्थानों के नाम और उनकी भौगोलिक स्थिति (अक्षांश/देशांतर) का सूचकांक होता है, जो एटलस या मानचित्र के साथ मिलकर उपयोग किया जाता है।
55 वर्ष बाद हो रहा ऐसा…
भरतपुर जिले के भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक परिदृश्य को परिलक्षित करने के लिए वर्ष 1971 में प्रकाशित भरतपुर गजेटियर को 55 वर्ष बाद अपडेट किया जा रहा है। जिला स्तर पर अध्यायवार गठित जिला स्तरीय समिति के सदस्यों की ओर से जांच एवं आवश्यक संशोधन उपरान्त आयोजना (जनशक्ति) विभाग ने राज्य स्तर पर गजेटियर के सभी अध्यायों का जिले का सम्पूर्ण ड्राफ्ट (पृष्ठ संख्या 1-1444) तैयार किया।
इसमें जिले की अर्थव्यवस्था, इतिहास एवं संस्कृति, कृषि एवं सिंचाई, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था आदि विभिन्न विषयों की जानकारी को सम्मिलित किया गया है। इसमें लिखी गई जानकारी भरतपुर जिले के पुराने गजेटियर (वर्ष 1971 में प्रकाशित) विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं तथा विभिन्न प्रकाशनों जो कि संदर्भ में अंकित है, से ली गई है।
जोधपुर, अलवर व बांसवाड़ा के गजेटियर अपडेट
पिछले साल जोधपुर, अलवर व बांसवाड़ा जिले के गजेटियर अपडेट कर उन्हें नए सिरे से तैयार किया जा चुका है, जो जारी हो चुके हैं।
तीन जिले के गजेटियर पहली बार
आयोजना (जनशक्ति) विभाग की ओर से भरतपुर की तरह ही चूरू व जालोर जिले के गजेटियर भी तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही इन्हें भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा। प्रतापगढ़, करौली व हनुमानगढ़ जिलों के गजेटियर पहली बार बनाए गए हैं, जिनमें इन जिलों के ऐतिहासिक महत्व, आर्थिक गतिविधियों, कृषि व उद्योग की स्थिति के साथ ही आधारभूत ढांचे की जानकारी शामिल होगी।
श्रीगंगानगर व बीकानेर जिलों पर हो रहा मंथन
अगले चरण में श्रीगंगानगर व बीकानेर जिलों के गजेटियर अपडेट करने पर मंथन चल रहा है। इन जिलों के दस्तावेज को अपडेट करने का कार्य जल्द ही शुरू हो सकता है।
एक बार हुई थी विभाग को बंद करने की तैयारी
कुछ वर्ष पहले गजेटियर को उपयोगी नहीं मानते हुए आयोजना (जनशक्ति) विभाग को बंद करने की तैयारी हो गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार गजेटियर को महत्ता समझते हुए इन्हें अपडेट करा रही है। जिला स्तर पर करीब एक वर्ष पूर्व आमजन से सुझाव भी लिए गए थे। इन्हें प्रस्तावित गजेटियर में शामिल किया गया था।


