मुजफ्फरपुर में ADEO परीक्षा का दूसरा चरण शुरू:9396 कैंडिडेट्स के लिए 16 सेंटर बनाए गए, 9 बजे बंद हुई एंट्री; सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती

मुजफ्फरपुर में ADEO परीक्षा का दूसरा चरण शुरू:9396 कैंडिडेट्स के लिए 16 सेंटर बनाए गए, 9 बजे बंद हुई एंट्री; सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती

मुजफ्फरपुर में बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा(ADEO) के द्वितीय चरण की शुरुआत आज से हो गई है। यह परीक्षा 17 और 18 अप्रैल को आयोजित की जा रही है। इससे पहले प्रथम चरण की परीक्षा 14 एवं 15 अप्रैल को सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है, जबकि तृतीय चरण की परीक्षा 20 और 21 अप्रैल को निर्धारित है। 9 बजे बंद हुई एंट्री जिले में इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 9396 परीक्षार्थी अलग-अलग चरणों में शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक दिन परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटे पूर्व तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। सभी केंद्रों पर की गई दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति परीक्षा को कदाचार मुक्त एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखते हुए परीक्षार्थियों की सघन जांच (फ्रिस्किंग) की जा रही है। बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, वाई-फाई गैजेट आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके साथ ही व्हाइटनर, इरेजर और ब्लेड जैसी सामग्री भी वर्जित की गई है। सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों को न केवल वर्तमान परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा, बल्कि आगामी पांच वर्षों तक आयोग की परीक्षाओं में शामिल होने से भी वंचित किया जा सकता है। परीक्षा से संबंधित अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। परीक्षा के सफल संचालन हेतु अपर समाहर्ता (राजस्व) प्रशांत कुमार को सहायक परीक्षा संयोजक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पुलिस उपाधीक्षक अनंत राम सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को भी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा का संचालन सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके। मुजफ्फरपुर में बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा(ADEO) के द्वितीय चरण की शुरुआत आज से हो गई है। यह परीक्षा 17 और 18 अप्रैल को आयोजित की जा रही है। इससे पहले प्रथम चरण की परीक्षा 14 एवं 15 अप्रैल को सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है, जबकि तृतीय चरण की परीक्षा 20 और 21 अप्रैल को निर्धारित है। 9 बजे बंद हुई एंट्री जिले में इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए कुल 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 9396 परीक्षार्थी अलग-अलग चरणों में शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक दिन परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटे पूर्व तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। सभी केंद्रों पर की गई दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति परीक्षा को कदाचार मुक्त एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखते हुए परीक्षार्थियों की सघन जांच (फ्रिस्किंग) की जा रही है। बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, वाई-फाई गैजेट आदि ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके साथ ही व्हाइटनर, इरेजर और ब्लेड जैसी सामग्री भी वर्जित की गई है। सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री के साथ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों को न केवल वर्तमान परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा, बल्कि आगामी पांच वर्षों तक आयोग की परीक्षाओं में शामिल होने से भी वंचित किया जा सकता है। परीक्षा से संबंधित अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। परीक्षा के सफल संचालन हेतु अपर समाहर्ता (राजस्व) प्रशांत कुमार को सहायक परीक्षा संयोजक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पुलिस उपाधीक्षक अनंत राम सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को भी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा का संचालन सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।  

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