एमपी के बड़े अफसरों- रसूखदारों के आलीशान फार्म हाउस-रेस्टोरेंट-मैरिज गार्डन पर चलेगा बुलडोजर

एमपी के बड़े अफसरों- रसूखदारों के आलीशान फार्म हाउस-रेस्टोरेंट-मैरिज गार्डन पर चलेगा बुलडोजर

Bhopal- भोपाल शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में बनाए गए होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन हटाने की कार्रवाई अब तेज होगी। इसी के साथ प्रदेश के बड़े अफसरों- रसूखदारों पर गाज गिरना तय हो गया है। जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम ने बुधवार एवं गुरुवार हलालपुर, बैरागढ़ के तटीय इलाकों में मैरिज गार्डन की बाउंड्री वॉल तोडऩे की कार्रवाई की। इसी क्षेत्र में मौजूद सेवन ओक, पूल डैक लाउंज एंड रेस्टोरेंट के मालिक मनीष मतवानी ने अवैध निर्माण को लेकर जारी नोटिस के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रिट पिटीशन लगाकर राहत की मांग की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान नगरनिगम ने बताया कि सुनवाई के लिए अवसर दिया गया था। यहीं से बाजी पलटी और हाईकोर्ट ने बिना किसी कमेंट के याचिका का निराकरण कर दिया। याचिकाकर्ता को किसी प्रकार की राहत नहीं मिली।

बेहटा, बोरवन, भैंसाखेड़ी भी लिस्ट में:
नगर निगम में बेहटा, बोरवन, भैंसाखेड़ी भी अतिक्रमण की लिस्ट में शामिल किए हैं। सबसे आलीशान मैरिज गार्डन इन्हीं इलाकों में बनाए गए हैं। यहां लाखों रुपए की बुकिंग लेकर संचालक शादी के सीजन में मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। बड़ा तालाब कैचमेंट के अंदर बने इन निर्माण का सीवरेज एवं अपशिष्ट पदार्थ, कचरा प्रतिदिन तालाब की सीमा में फेंका जा रहा है। नगर निगम की टीम कई बार इन संचालकों का जुर्माना कर चुकी, लेकिन मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, कई अफसरों, रसूखदारों के भी फार्म हाउस के नाम पर अवैध निर्माण हैं।

भोजताल को बचाना है: तालाब की आज ये हालत

  1. ईंटखेड़ी छाप: जंगल के बीच बचा तालाब: यहां कोलांस नदी बड़े तालाब में मिलती है। यहां सीहोर और भोपाल के गांवों का सीवेज और खेतों के केमिकल तालाब में जा रहा है।
  2. बैरागढ़: झुग्गियां तेजी से बढ़ रही हैं: बैरागढ़ में तालाब देखने के लिए चंचल चौराहा से करीब 2 किमी अंदर बोरवन जाना पड़ता है। बोरवन का विकास भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत हुआ था लेकिन यहीं एक अधूरा क्युनिटी हॉल है, जिस पर हाईकोर्ट ने कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण रोक दिया था।
  3. हलालपुर: मैरिज गार्डन के पीछे छुपा तालाब: हलालपुर के पास कुछ दूर तक तालाब दिखता है, पर इसके बाद लाइन से बने मैरिज गार्डन तालाब को छिपा देते हैं। पुरानी सड़क मौजूद है, लेकिन वहां जाना संभव नहीं है।
  4. खानूगांव: निर्माणों के कारण पीछे हटता तालाब: एक समय था जब खानूगांव से तालाब दूर से दिखता था, लेकिन अब मकानों और निर्माणों के कारण तालाब देखने के लिए काफी पीछे जाना पड़ता है।
  5. सूरज नगर: फार्म हाउस के पीछे गुम तालाब: भदभदा के आगे दूसरी ओर सूरज नगर में तालाब तक पहुंचना लगभग असंभव है।

बुलडोजर का रास्ता साफ

नगर निगम ने स्पष्ट किया, आगामी 5 दिन के अंदर सभी निर्माण हटा दिए जाएंगे। बैरागढ़ एवं हलालपुर क्षेत्र में ही 100 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए जाने हैं, जिनमें सरकारी एवं निजी निर्माण शामिल किए गए थे। यह सभी निर्माण कैचमेंट के अंदर पाए गए हैं। वेटलैंड अथॉरिटी की गाइडलाइन के अंतर्गत 50 मीटर के दायरे में चिन्हित होने के बावजूद यह निर्माण धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे थे। इन्हें पहले भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन संचालकों ने कब्जा नहीं हटाया था।

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