Bihar Politics: जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम, जानिए कौन हैं बृजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी?

Bihar Politics: जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम, जानिए कौन हैं बृजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी?

एनडीए सरकार में जदयू कोटे से बृजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी दो डिप्टी सीएम बनेंगे। दोनों को विधानसभा के भीतर और बाहर इनको पार्टी का “संकटमोचक” बताया जाता है। 

Bihar Politics बिहार में भाजपा और जद(यू) के बीच सत्ता-साझेदारी के समीकरण में बदलाव करते हुए जद(यू) ने अपने वरिष्ठ नेताओं को नई भूमिका दी है। पार्टी ने बृजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को मुख्यमंत्री-निर्वाचित सम्राट चौधरी के साथ उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है। बृजेंद्र प्रसाद यादव (79 वर्ष), जो सुपौल से नौ बार विधायक रह चुके हैं, पहले उपमुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालेंगे। वहीं विजय कुमार चौधरी, जो नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी माने जाते हैं और समस्तीपुर के सरायरंजन से चार बार विधायक चुने गए हैं, दूसरे उपमुख्यमंत्री होंगे। निवर्तमान सरकार में भी इन दोनों नेताओं के पास महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी रही है।

कौन हैं बृजेंद्र प्रसाद यादव

जद(यू) ने इन दोनों नेताओं का चयन ऐसे समय में किया, जब यह खबरें सामने आईं कि निशांत कुमार ने उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पार्टी के संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। इन नियुक्तियों में एक सोची-समझी सामाजिक संतुलन की रणनीति भी दिखाई देती है। बृजेंद्र प्रसाद यादव ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि विजय कुमार चौधरी सवर्ण भूमिहार समुदाय से आते हैं।

वफादारी और अनुभव का इनाम

समाजवादी नेता बृजेंद्र प्रसाद यादव 1990 से सुपौल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। उन्हें लंबे समय तक पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे शरद यादव का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। उन्होंने 1990 में जनता दल के उम्मीदवार के रूप में चुनावी राजनीति में कदम रखा। बाद में, जब शरद यादव ने जनता दल (यूनाइटेड) का गठन किया, तो वे भी इस पार्टी में शामिल हो गए। इन वर्षों के दौरान वे “जनता परिवार” में लगातार एक प्रभावशाली भूमिका में बने रहे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्हें यह जिम्मेदारी देकर उनकी वफादारी और नीतीश कुमार सरकार में ऊर्जा एवं वित्त मंत्री के रूप में उनके कामकाज को सम्मान दिया गया है।

कौन हैं विजय कुमार चौधरी?

विजय कुमार चौधरी को व्यापक रूप से नीतीश कुमार का सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगी माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री के साथ उनकी नजदीकी हाल के समय में और भी स्पष्ट हुई, जब स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के दौरान वे अक्सर मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास पर मौजूद रहते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की थी और एक समय वे पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के करीबी सहयोगी भी रहे हैं।

संकटमोचक की छवि और मजबूत पकड़

जद(यू) में विजय कुमार चौधरी का कद 2009 में तेजी से बढ़ा, जब राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नीतीश कुमार ने चौधरी को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी। बाद में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और वित्त तथा जल संसाधन जैसे अहम विभागों का प्रभार संभाला। विधायी प्रक्रियाओं पर उनकी मजबूत पकड़ के कारण उन्हें अक्सर विधानसभा के भीतर और बाहर, दोनों जगह पार्टी का “संकटमोचक” कहा जाता है।

राजनीति में आने से पहले वे बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत थे। वहीं, बृजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी—दोनों को ही निशांत कुमार के संभावित राजनीतिक भविष्य के लिए किसी चुनौती के रूप में नहीं देखा जाता है।

  

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