अलीगढ़ में संविधान शिल्पी भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर शहर में उत्साह और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सर्व समाज की एकता को प्रदर्शित करती इस भव्य शोभायात्रा में बाबा साहेब के अनुयायियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नीले झंडों और जय भीम के नारों से पूरा मार्ग गुंजायमान रहा। घंटाघर से धोबी पड़ाव तक झलकी भव्यता शोभायात्रा का औपचारिक उद्घाटन पूर्व जिला जज शंकर लाल द्वारा विधिवत रूप से किया गया। यह यात्रा ऐतिहासिक घंटाघर पार्क से प्रारंभ हुई, जो शहर के प्रमुख व्यापारिक और व्यस्त क्षेत्रों से गुजरी। शोभायात्रा का गुदड़ी बाजार, दरेसी चौराहा, पत्थर बाजार, मामू भांजा, ससापला होते हुए धोबी के पड़ाव पर समापन हुआ। झांकियां में जीवन संघर्ष की गाथा इस बार की शोभायात्रा अपनी भव्यता के लिए चर्चा रही। यात्रा के काफिले में शामिल विशेष तत्वों ने सबका मन मोह लिया। यात्रा में लगभग 25 से 26 झांकियां शामिल रहीं, जो बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और सामाजिक संदेशों को जीवंत कर रही थीं। 8 से 10 विशेष डोलों के साथ 7-8 प्रसिद्ध बैंड अपनी मधुर धुनों से भक्तों और दर्शकों में उत्साह का संचार करते रहे। सर्व समाज की दिखी भागीदारी यह आयोजन केवल एक समुदाय तक सीमित न रहकर सर्व समाज का प्रतीक बनकर उभरा। शोभायात्रा में सिख समाज, खटीक समाज और वाल्मीकि समाज सहित विभिन्न समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। फूलों की वर्षा और स्वागत द्वारों से सजे मार्ग ने सामाजिक सद्भाव की एक सुंदर तस्वीर पेश की। जन प्रतिनिधियों की रही उपस्थिति कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की और बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान मेयर प्रशांत सिंघल, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, भाजपा की प्रदेश मंत्री पूनम बजाज, पूर्व महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, विभव वाष्र्णेय आदि लोग उपस्थित रहे। राहगीरों को पिलाया शर्बत डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के अवसर पर अनुयायियों ने जगह–जगह प्याऊ और पांडाल लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया। इस मौके पर बाइक रैली और पैदल भी शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, अनूप सिंह आदि लोग मौजूद रहे।


