-जल संकट गहराया, एक दिन छोडकऱ सप्लाई, सीमित संसाधनों पर टिकी व्यवस्था।
बैतूल। नगर पालिका द्वारा शहरवासियों से 2 से 3 दिन का पानी पहले से घरों में स्टोर करके रखने की अपील ने जल संकट की गंभीरता को उजागर कर दिया है। आमतौर पर ऐसी सलाह आपात स्थिति में दी जाती है, लेकिन वर्तमान हालात में यह अपील शहर की बिगड़ती जलप्रदाय व्यवस्था की ओर इशारा कर रही है। नगर में पहले से ही एक दिन छोडकऱ जलापूर्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि शहर को प्रतिदिन करीब 17 एमएलडी पानी की जरूरत है, जबकि फिलहाल केवल 8 से 10 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। पंपिंग और स्रोतों की सीमित क्षमता के चलते स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि माचना नदी में केवल पांच दिनों का पानी शेष बचा है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है। नगर पालिका द्वारा निजी नलकूपों का अधिग्रहण, हैंडपंपों की मरम्मत और टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन ये उपाय अस्थायी ही साबित हो रहे हैं।
शहर के कई क्षेत्रों में जलापूर्ति की अनियमितता के कारण लोगों को पहले ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में 2-3 दिन का पानी स्टोर करने की अपील ने नागरिकों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि यह संकेत है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में यही स्थिति बनती है, लेकिन दीर्घकालिक योजना के अभाव में समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। फिलहाल, नगर पालिका की अपील ने यह साफ कर दिया है कि शहर को आने वाले दिनों में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
नपा ने यह की शहरवासियों से अपील
नगरपालिका परिषद्् ने आमजन से अपील की है कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने या पाइप लाइन में अचानक लीकेज, खराबी आने के कारण यदि जलप्रदाय व्यवस्था प्रभावित होती है तो कृपया धैर्य बनाए रखे। निकाय ऐसी समस्याओं को शीघ्र अति शीघ्र दूर करने के लिए तत्पर रहेगा। ग्रीष्म काल को देखते हुए आने वाले एक से दो महीने सभी नागरिक अपने घरों में दो से तीन दिवस का पानी पूर्व से ही स्टोर करके रखें ताकि किसी भी बाधा की स्थिति में दैनिक कार्य प्रभावित न हो। किसी भी वार्ड में जलसंकट की स्थिति होने पर तत्काल संबंधित वार्ड पंप चालक या निकाय में सूचना दें।
खेड़ी ताप्ती बैराज में बिजली सप्लाई बंद होने से पेयजल सप्लाई लडखड़़ाई
इधर, शहर की पेयजल व्यवस्था पहले से ही दबाव में है। माचना डैम में जलस्तर कम होने के कारण अब जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत खेड़ी ताप्ती बैराज बन गया है। सोमवार को बैराज क्षेत्र में सुबह 8 से 11 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई। फिल्टर प्लांट तक पानी नहीं पहुंच पाने से टंकियां समय पर नहीं भर सकीं और कई वार्डों में नल नहीं आए। इससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
नगरपालिका के जलशाखा प्रभारी धीरेंद्र राठौर ने बताया कि बिजली बाधित होने के कारण सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर में रोजाना करीब 9 टंकियां भरी जाती हैं और सप्लाई का समय गड़बड़ाने से व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। उन्होंने दावा किया कि बुधवार से पेयजल सप्लाई पुन: सुचारू कर दी जाएगी।
लीड खबर में वर्जन लगाए
इनका कहना
- अमृत योजना में हमनें टंकी के लिए अलग से पाइप लाइन बिछाए जाने का प्रस्ताव शामिल किया है। जो तीन नई टंकिया बन रही है उनके के साथ इस टंकी को भी मेन पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा।
- नवनीत पांडे, सीएमओ नगरपालिका बैतूल।


