मुंगेर के रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने दिवंगत गायिका आशा भोसले को अनोखी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लगभग 5 किलो 900 ग्राम वजनी तरबूज पर आशा भोसले की जीवंत आकृति उकेरी है। इस कलाकृति को तैयार करने में मधुरेंद्र कुमार को लगातार 10 घंटे का समय लगा। उन्होंने पारंपरिक रेत कला से हटकर इस बार तरबूज को अपना माध्यम बनाया। तरबूज पर बनाई गई इस पेंटिंग में आशा भोसले को संगीत के प्रतीकों जैसे माइक्रोफोन और सितार के साथ दर्शाया गया है। यह उनके लंबे और समृद्ध संगीत सफर को प्रदर्शित करता है। प्रेरणा का स्रोत रही हैं आशा भोसले मधुरेंद्र कुमार ने बताया कि आशा भोसले उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं। उनके अनुसार, यह कलाकृति उनके दिल से निकली सच्ची श्रद्धांजलि है। आशा भोसले के निधन पर देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। संगीत जगत ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है। मधुरेंद्र कुमार की यह अनोखी कलाकृति अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही है। दर्शक इसे कलाकार की रचनात्मकता और श्रद्धा का प्रतीक मान रहे हैं। मुंगेर के रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने दिवंगत गायिका आशा भोसले को अनोखी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लगभग 5 किलो 900 ग्राम वजनी तरबूज पर आशा भोसले की जीवंत आकृति उकेरी है। इस कलाकृति को तैयार करने में मधुरेंद्र कुमार को लगातार 10 घंटे का समय लगा। उन्होंने पारंपरिक रेत कला से हटकर इस बार तरबूज को अपना माध्यम बनाया। तरबूज पर बनाई गई इस पेंटिंग में आशा भोसले को संगीत के प्रतीकों जैसे माइक्रोफोन और सितार के साथ दर्शाया गया है। यह उनके लंबे और समृद्ध संगीत सफर को प्रदर्शित करता है। प्रेरणा का स्रोत रही हैं आशा भोसले मधुरेंद्र कुमार ने बताया कि आशा भोसले उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं। उनके अनुसार, यह कलाकृति उनके दिल से निकली सच्ची श्रद्धांजलि है। आशा भोसले के निधन पर देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति सहित कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। संगीत जगत ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है। मधुरेंद्र कुमार की यह अनोखी कलाकृति अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही है। दर्शक इसे कलाकार की रचनात्मकता और श्रद्धा का प्रतीक मान रहे हैं।


