Sakib Hussain IPL journey: सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज साकिब हुसैन का आईपीएल तक का सफर हिम्मत और त्याग की एक बड़ी कहानी है। भले आज वह एक जाना पहचाना नाम बन गए हैं, लेकिन उन्होंने कितना संघर्ष किया है, शायद ये कुछ लोगों को ही पता है।
साकिब हुसैन को आखिरकार सोमवार रात आईपीएल में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल गया और उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से लपकते हुए डेब्यू मैच में ही चार विकेट लेकर खूब सुर्खिंया बटोरीं। किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए इंतजार करना और फिर मौका मिलते ही तुरंत अच्छा प्रदर्शन करना कभी आसान नहीं होता, लेकिन बिहार के इस तेज गेंदबाज ने यह कर दिखाया। उन्होंने अपने साथी डेब्यू करने वाले खिलाड़ी प्रफुल्ल हिंगे के साथ मिलकर सनराइजर्स हैदराबाद के लिए एक यादगार जीत दर्ज की। दोनों ने चार-चार विकेट लिए और एसआरएच को सीजन की दूसरी जीत दिलाई।
हिम्मत और त्याग की कहानी
Sakib Hussain IPL journey: साकिब का आईपीएल का सफर हिम्मत और त्याग की एक कहानी है। 2004 में एक साधारण परिवार में जन्मे साकिब का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता अली अहमद हुसैन एक किसान थे और घुटने में चोट लगने के बाद काम करने में असमर्थ हो गए थे। साकिब ने बहुत कम उम्र में ही यह जान लिया था कि उन्हें ही परिवार का सहारा बनना होगा। वह भारतीय सेना का सपना लिए नियमित रूप से मैदान पर दौड़ने के लिए जाते थे। इसी बीच उन्होंने क्रिकेट की गेंद थामी और अपने जोश, जज्बे और जुनून के दम पर जल्द ही इसमें महारत हासिल कर ली।
मैचों में मिलने वाले 500 से 1000 से घर चलाते थे साकिब
घर का खर्च चलाने के लिए साकिब ने आसपास के क्षेत्र में टेनिस-बॉल टूर्नामेंट खेलना शुरू कर दिया, जिससे उन्हें हर मैच के 500 से 1000 रुपये मिल जाते। यह रकम बहुत ज्यादा तो नहीं थी, लेकिन इससे उनके परिवार का गुज़ारा हो जाता था। जब उन्होंने गेंदबाजी को गंभीरता से लेना शुरू किया, तो उन्हें एहसास हुआ कि आगे बढ़ने के लिए उन्हें सही क्रिकेट किट, खासकर ‘स्पाइक्स’ (जूते) की जरूरत है।
घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण यह सब खरीदना नामुमकिन था। तभी उनकी मां सुबुक्तारा खातून ने आगे बढ़कर अपने गहने बेच दिए, ताकि साकिब स्पाइक्स खरीद सके। इस बात का खुलासा उन्होंने केकेआर के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में किया है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में प्रदर्शन देख सीएसके ने नेट बॉलर बनाया
वह पल साकिब के जहन में हमेशा के लिए बस गया और इससे वह और भी ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित हुए। वह लगातार अपने खेल में सुधार करते रहे और उनकी मेहनत का फल भी उन्हें मिलने लगा। एक बड़ा मौका तब आया, जब चेन्नई सुपर किंग्स ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन को देखा और उन्हें एक नेट बॉलर के तौर पर टीम में शामिल किया, जिससे उन्हें पहली बार आईपीएल के माहौल का अनुभव मिला।
2024 में एक्सीलरेटेड राउंड में केकेआर ने बेस प्राइज पर चुना
आईपीएल 2024 के मेगा ऑक्शन में वह पहली बार अनसोल्ड रहे, लेकिन इससे उनका हौसला नहीं टूटा। उन्होंने अपने कोच, रॉबिन सिंह को फोन किया और माना कि 140–142 की रफ्तार से ज़्यादा आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इसके बाद उन्होंने और ज्यादा मेहनत करने का फैसला किया और सबसे अलग दिखने के लिए 150 की रफ़्तार छूने का लक्ष्य तय किया। उसी फोन कॉल पर रॉबिन ने बताया कि केकेआर ने उन्हें एक्सीलरेटेड राउंड में उनकी बेस प्राइस पर चुन लिया है, जिससे बिहार के गोपालगंज में उनके घर पर जश्न का माहौल बन गया।
2025 के मेगा ऑक्शन से पहले केकेआर ने किया रिलीज
केकेआर के टाइटल जीतने के सफर के दौरान उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला और 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले उन्हें रिलीज कर दिया गया, जहां वह फिर से अनसोल्ड रहे। यह एक ऐसा दौर था, जिससे उनका आत्मविश्वास डगमगा सकता था, लेकिन उन्होंने मेहनत करना जारी रखा। उसी समय के आसपास वरुण आरोन, जो एसआरएच के लिए तेज गेंदबाजों पर नजर रख रहे थे। उन्होंने साकिब को एमआरएफ एकेडमी में देखा। फिर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपनी शानदार गेंदबाज़ी से साकिब ने एक बार फिर उनका ध्यान अपनी ओर खींचा।
30 लाख के बेस प्राइस पर एसआरएच ने खरीदा
आखिरकार एसआरएच ने आईपीएल 2026 के लिए साकिब को उनकी बेस प्राइस 30 लाख रुपये में टीम में शामिल कर लिया। जब राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका मिला, तो उन्होंने उसे दोनों हाथों से लपक लिया। उन्होंने अपने चार ओवरों में 24 रन देकर 4 विकेट लिए और यह सुनिश्चित किया कि उनका लंबा इंतजार बेकार नहीं गया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस प्रदर्शन को कब तक दोहराते हैं।
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