Asha Bhosle Last Video: भारतीय संगीत जगत की ‘सुरों की मल्लिका’ आशा भोसले के निधन के बाद उनके परिजनों और फैंस को गहरा सदमा लगा है। 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली आशा ताई ने भारतीय संगीत को ना जाने कितने ही हिट गाने दिए। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जा चुका है। इसी बीच उनकी मौत से कुछ दिन पहले का वीडियो सामने आया है जिसमें देखकर उन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल हो रहा है।
आशा ताई का आखिरी वीडियो हुआ वायरल (Asha Bhosle Last Video)
आशा भोसले का एक भावुक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो भक्ति गीत गाती नजर आ रही हैं, जिसे उनके मुंहबोले भाई और महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने साझा करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है।
आशा भोसले के इस वीडियो को साझा करते हुए आशीष ने बताया है कि कुछ दिन पहले ही उनकी मुलाकात आशा जी से हुई थी और वो इस वक्त काफी भावुक हो रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए आशीष ने लंबा-चौड़ा कैप्शन भी लिखा है।
आशीष शेलार ने दुख जाहिर किया (Asha Bhosle Last Video)
आशीष ने आशा जी का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि उन्होंने अपनी बहन को खो दिया है। उन्होंने संवेदना प्रकट करते हुए लिखा- ‘आज मैंने अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी खो दी है। वो शख्सियत, जिन्होंने दुख सहते हुए भी हमेशा खुशी के गीत गाने की ताकत दिखाई… जिन्होंने ‘जय शारदे… वागेश्वरी’ जैसी प्रार्थना गाई… जिन्होंने कैबरे, लावणी, भक्ति गीत, ओवी, अभंग और भावपूर्ण फिल्मी गीतों को अपनी अद्भुत आवाज से सजाया… जिन्होंने भाषा की सीमाओं को तोड़ते हुए 20 से ज्यादा भाषाओं में गीत गाए… जिन्होंने अपने जीवन की हर कठिनाई का डटकर सामना किया… और जिन्होंने भाई दूज पर अमर ओवी ‘सोनेयाच्या ताटी उजळ्या ज्योती…’ गाई… ऐसी आशा ताई अब हमारे बीच नहीं रहीं।’
आगे बात करते हुए उन्होंने लिखा- ‘मेरे लिए आज ऐसा है जैसे मैंने अपनी प्यारी बहन को खो दिया हो। ऐसा लगता है जैसे मां सरस्वती की वीणा की असली झंकार आज शांत हो गई है। उन्होंने मुझे भाई की तरह बहुत स्नेह दिया। आज मैंने क्या खोया है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है… लेकिन सच में आज मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी चली गई है।’
20 से अधिक भाषाओं में गाए हजारों गीत
आशा भोसले का संगीत सफर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और कई विदेशी भाषाओं में भी गीत गाकर अपनी अलग पहचान बनाई। यही वजह है कि उनका नाम भारतीय संगीत इतिहास के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में लिया जाता है।
उनकी आवाज ने हर पीढ़ी को जोड़ा और बदलते दौर के साथ भी उन्होंने अपनी गायकी की पहचान कायम रखी। यही कारण है कि आज उनके जाने के बाद भी उनके गीत लोगों के दिलों में जिंदा हैं।


