उत्तर प्रदेशीय माध्यमिक शिक्षक संघ की वाराणसी शाखा के सदस्यों ने सोमवार की शाम सर्किट हाउस से आंबेडकर चौराहे पर स्थित गांधी प्रतिमा तक मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को TET अनिवार्यता के विरोध में था। शिक्षकों ने इस दौरान इस फैसले को तानाशाही फैसला बताया। वहीं शिक्षकों के साथ इस विरोध में मौजूद रहे सपा के स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा – भाजपा सरकार नहीं चाहती की गरीब के लड़के अच्छी शिक्षा पाएं। इसलिए ऐसा नियम लाया जा रहा है। पहले देखिये मशाल जुलूस की तस्वीरें… सरकार नहीं चाहती की गरीब के बच्चे पढ़ें इस दौरान मौजूद सपा के स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा – सरकार नहीं चाहती की गरीब का लड़का अच्छी पढ़ाई कर सके। इसलिए शिक्षकों पर यह अनिवार्यता लगाईं जा रही है। सरकार ने इसकी पैरवी नहीं की जिसकी वजह से यह नियम आ गया। सरकार लगातार शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। देश के एमएचआरडी मिनिस्टर ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में कहा है कि भाजपा को जीता दीजिये हम यह नियम अध्यादेश लाकर समाप्त करने देंगे तो उन्हें इसे समाप्त करना ही होगा। सड़क से सदन तक ले जायेंगे आवाज शिक्षिका प्रियंबदा दुबे ने कहा – आज हम लोग टीईटी खत्म करने के लिए आज यह विरोध कर रहे हैं। सरकार ने TET की जो अनिवार्यता की है। वह गलत है। आज तक किसी सरकार ने ऐसा नहीं किया। यह हमाइर पढ़ाई पर प्रशनचिह्न है। उन्होंने कहा जब तक सरकार इस नियम को नहीं हटा लेती हम लोग प्रदर्शन करेंगे और सड़क से सदन तक इसकी आवाज उठाएंगे। IAS-PCS भी दें आज की परीक्षा हरहुआ की शिक्षिका मीनाक्षी सिंह ने कहा – हम लोग जो उस समय योग्यता थी उसे पूरा करके सर्विस में आये थे। तो अब नयी योग्यता का सवाल नहीं उठता। क्योंकि उस समय जो योग्यता थी। उसे हम पास करके आये थे। सरकार कह रही कि 2009 वाले यदि TET दो साल में नहीं पास करेंगे तो उन्हें रिटायर कर दिया जाएगा तो यह सब अनर्गल बातें हैं। यदि हमारे ऊपर आज की शिक्षा थोपी जा रही है तो सभी पूर्व आईएएस और पीसीएस आज की परीक्षा पास करें तब अधिकारी कहलाएं। नहीं देंगे भाजपा को वोट उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री शैलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा – इस मुद्दे पर हम लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में पूरे राज्य में आज जिला मुख्यायलयों पर मशाल जुलूस निकाला जा रहा है। यतो सरकार अध्यादेश लाकर इसे खत्म करें। वरना हम शिक्षक समाज के लोग एक बड़ा फैसला लेंगे और मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने का काम करेंगे और किसी को मतदान नहीं करेंगे।


