Kanpur News:130 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, म्यूल अकाउंट से खेल करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Kanpur News:130 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, म्यूल अकाउंट से खेल करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

कानपुर। साइबर ठगी और संगठित वित्तीय अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल जोन साइबर सेल और थाना स्वरूपनगर की सर्विलांस टीम ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो भोले-भाले लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेकनगंज निवासी मोहम्मद अमान और चमनगंज निवासी मोहम्मद वसीउद्दीन उर्फ सरताज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लोगों को निवेश और मुनाफे का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाते या पहले से संचालित खातों की डिटेल्स हासिल कर लेते थे। इसके बाद खातों और बैंकिंग साधनों का नियंत्रण अपने पास रखकर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन करते थे।

मामले का खुलासा तब हुआ जब पेचबाग, बेकनगंज निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी फर्म और करंट अकाउंट की जानकारी दो व्यक्तियों ने लाभ का झांसा देकर हासिल कर ली और उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। संदेह होने पर जब उसने बैंक स्टेटमेंट जांची, तो शुरुआती तौर पर करीब 35 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला।

पुलिस जांच में जब खातों को खंगाला गया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पिछले 9 महीनों में संबंधित खाते से करीब 130 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों ने पीड़ित के खाते को माध्यम बनाकर विभिन्न कंपनियों से धनराशि मंगाई और बाद में उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी के जरिए दुरुपयोग किया। कई मामलों में फर्जी चेक के इस्तेमाल की भी आशंका जताई गई है, जिसकी जांच जारी है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कैंट क्षेत्र स्थित डपकेश्वर धाम के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से लैपटॉप, कैश काउंटिंग मशीन, छह मोबाइल फोन, 28 चेकबुक, 39 हस्ताक्षरित चेक, 19 एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर निकालते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों आरोपियों का अब तक कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। इनमें से एक बीकॉम का छात्र है, जबकि दूसरा स्नातक है।

पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। यह भी जांच की जा रही है कि धनराशि किन कंपनियों से आई और आगे किन खातों में ट्रांसफर की गई। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *