बोकारो स्टील प्लांट में एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। यह घटना प्लांट के आईएमएफ विभाग में उस समय हुई, जब मजदूर क्रेन के सहारे ऊंचाई पर काम कर रहा था। संतुलन बिगड़ने के कारण वह अचानक नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय गणेश महतो के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के जयपुर के निवासी थे। वह नीरज एंटरप्राइजेज के लिए क्रेन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। मजदूरों में आक्रोश, प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी घटना की सूचना मिलते ही प्लांट परिसर में काम कर रहे मजदूरों और यूनियन नेताओं में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में मजदूर अस्पताल और प्लांट परिसर में जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मजदूरों ने मृतक के आश्रित को स्थायी नौकरी, उचित मुआवजा और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। यूनियन के जनरल सेक्रेटरी नीतेश कुमार करण ने आरोप लगाया कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं। प्रबंधन का मिला आश्वासन, विरोध जारी इधर, प्लांट प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए का बीमा, आश्रित को नौकरी और अंतिम संस्कार के लिए 35 हजार रुपए देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा 51 हजार रुपए की सहयोग राशि भी तत्काल प्रदान की गई है। हालांकि, मजदूरों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है। वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मजदूरों का कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। बोकारो स्टील प्लांट में एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। यह घटना प्लांट के आईएमएफ विभाग में उस समय हुई, जब मजदूर क्रेन के सहारे ऊंचाई पर काम कर रहा था। संतुलन बिगड़ने के कारण वह अचानक नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय गणेश महतो के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के जयपुर के निवासी थे। वह नीरज एंटरप्राइजेज के लिए क्रेन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। मजदूरों में आक्रोश, प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी घटना की सूचना मिलते ही प्लांट परिसर में काम कर रहे मजदूरों और यूनियन नेताओं में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में मजदूर अस्पताल और प्लांट परिसर में जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मजदूरों ने मृतक के आश्रित को स्थायी नौकरी, उचित मुआवजा और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। यूनियन के जनरल सेक्रेटरी नीतेश कुमार करण ने आरोप लगाया कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं। प्रबंधन का मिला आश्वासन, विरोध जारी इधर, प्लांट प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए का बीमा, आश्रित को नौकरी और अंतिम संस्कार के लिए 35 हजार रुपए देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा 51 हजार रुपए की सहयोग राशि भी तत्काल प्रदान की गई है। हालांकि, मजदूरों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है। वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मजदूरों का कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।


