मोतिहारी में बाइक चोर गैंग का खुलासा:मास्टरमाइंड समेत 10 गिरफ्तार, 9 चोरी की बाइक बरामद

मोतिहारी में बाइक चोर गैंग का खुलासा:मास्टरमाइंड समेत 10 गिरफ्तार, 9 चोरी की बाइक बरामद

पूर्वी चंपारण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में सक्रिय एक संगठित बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड सहित कुल 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की 9 बाइक और 9 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इस सफलता से जहां आम लोगों में सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है, वहीं पुलिस की सक्रियता की भी व्यापक सराहना हो रही है। सीसीटीवी से मिला सुराग, 24 घंटे में खुला मामला दरअसल, मामला सुगौली थाना क्षेत्र का है, जहां 10 अप्रैल को पीएनबी बैंक परिसर से एक आर्मी जवान की बाइक चोरी हो गई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। पिपरा कोठी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने गुप्तचरों को सक्रिय किया। इसी दौरान सूचना मिली कि चोरी की गई बाइक ढेकहा इलाके में छिपाई गई है। इसकी जानकारी तुरंत एसपी स्वर्ण प्रभात को दी गई, जिसके बाद विशेष टीम का गठन किया गया। छापेमारी में पहला आरोपी गिरफ्तार, खुला पूरा नेटवर्क सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ढेकहा में छापेमारी की। यहां से शिवकुमार बनर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से चोरी की बाइक बरामद कर ली गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड समेत 10 अपराधी गिरफ्तार गिरफ्तार अपराधियों में गिरोह का मास्टरमाइंड रामा माझी और शिवकुमार उर्फ गोधो शामिल हैं। पुलिस ने कुल 10 अपराधियों को दबोचा है। इनके पास से 9 मोबाइल फोन और 8 अन्य चोरी की बाइक भी बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से काम करता था और हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी तय थी। रेकी से लेकर बिक्री तक तय थी हर सदस्य की भूमिका पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पूरी तरह संगठित तरीके से काम करता था। एक सदस्य बाइक की रेकी करता था, दूसरा चोरी करता था, तीसरा चोरी की बाइक को बेचता था। अगर बाइक नहीं बिकती थी, तो उसे काटकर उसके पार्ट्स गैराज में बेच दिए जाते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में चोरी करने वाले, खरीदने वाले, बेचने वाले और गैराज संचालक—सभी को गिरफ्तार कर लिया है। छह महीने से सक्रिय था गिरोह गिरोह के मास्टरमाइंड रामा माझी ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले छह महीनों से इस गिरोह को चला रहा था। शुरुआत में वह अकेले बाइक चोरी करता था, लेकिन बाद में उसने अन्य लोगों को जोड़कर एक संगठित गैंग बना लिया। इसके बाद गिरोह ने लगातार बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया और रोजाना चोरी की वारदात होने लगी। 5 हजार से 15 हजार में बेच देते थे बाइक गिरोह के सदस्य चोरी की बाइक को बेहद कम कीमत में बेच देते थे। नई हीरो बाइक करीब 15 हजार रुपये में, टीवीएस अपाचे 7 से 8 हजार रुपये में और स्प्लेंडर बाइक 2 से 4 हजार रुपये में बेच दी जाती थी। अगर किसी बाइक की बिक्री नहीं हो पाती थी, तो उसे काटकर अलग-अलग पार्ट्स के रूप में गैराज में बेच दिया जाता था। लगातार वारदात के बाद पुलिस ने कसा शिकंजा गिरोह की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10 अप्रैल को सुगौली में बाइक चोरी की घटना के अगले ही दिन नगर थाना क्षेत्र के एक अस्पताल से भी बाइक चोरी कर ली गई थी। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसी रात कार्रवाई कर पूरे गिरोह को पकड़ लिया और चोरी की बाइक भी बरामद कर ली। बाइक मिलने पर आर्मी जवान ने जताया आभार सुगौली पीएनबी बैंक परिसर से चोरी हुई आर्मी जवान धनंजय कुमार की बाइक महज 24 घंटे के भीतर बरामद होने पर उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने मोतिहारी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पुलिस इसी तरह सक्रिय रहे, तो अपराध पर पूरी तरह लगाम लग सकती है। लोगों का बढ़ा पुलिस पर भरोसा नगर थाना क्षेत्र के फेनहारा थाना अंतर्गत मड़पा मोहन गांव निवासी अरविंद कुमार ने भी एसपी स्वर्ण प्रभात और पूरी पुलिस टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है। दो महीने में 100 से ज्यादा बाइक बरामद एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो महीनों में 100 से अधिक बाइक बरामद की गई हैं और 50 से ज्यादा बाइक चोरों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पूर्वी चंपारण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में सक्रिय एक संगठित बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड सहित कुल 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की 9 बाइक और 9 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इस सफलता से जहां आम लोगों में सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है, वहीं पुलिस की सक्रियता की भी व्यापक सराहना हो रही है। सीसीटीवी से मिला सुराग, 24 घंटे में खुला मामला दरअसल, मामला सुगौली थाना क्षेत्र का है, जहां 10 अप्रैल को पीएनबी बैंक परिसर से एक आर्मी जवान की बाइक चोरी हो गई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। पिपरा कोठी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने गुप्तचरों को सक्रिय किया। इसी दौरान सूचना मिली कि चोरी की गई बाइक ढेकहा इलाके में छिपाई गई है। इसकी जानकारी तुरंत एसपी स्वर्ण प्रभात को दी गई, जिसके बाद विशेष टीम का गठन किया गया। छापेमारी में पहला आरोपी गिरफ्तार, खुला पूरा नेटवर्क सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ढेकहा में छापेमारी की। यहां से शिवकुमार बनर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से चोरी की बाइक बरामद कर ली गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड समेत 10 अपराधी गिरफ्तार गिरफ्तार अपराधियों में गिरोह का मास्टरमाइंड रामा माझी और शिवकुमार उर्फ गोधो शामिल हैं। पुलिस ने कुल 10 अपराधियों को दबोचा है। इनके पास से 9 मोबाइल फोन और 8 अन्य चोरी की बाइक भी बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह काफी सुनियोजित तरीके से काम करता था और हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी तय थी। रेकी से लेकर बिक्री तक तय थी हर सदस्य की भूमिका पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पूरी तरह संगठित तरीके से काम करता था। एक सदस्य बाइक की रेकी करता था, दूसरा चोरी करता था, तीसरा चोरी की बाइक को बेचता था। अगर बाइक नहीं बिकती थी, तो उसे काटकर उसके पार्ट्स गैराज में बेच दिए जाते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में चोरी करने वाले, खरीदने वाले, बेचने वाले और गैराज संचालक—सभी को गिरफ्तार कर लिया है। छह महीने से सक्रिय था गिरोह गिरोह के मास्टरमाइंड रामा माझी ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले छह महीनों से इस गिरोह को चला रहा था। शुरुआत में वह अकेले बाइक चोरी करता था, लेकिन बाद में उसने अन्य लोगों को जोड़कर एक संगठित गैंग बना लिया। इसके बाद गिरोह ने लगातार बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया और रोजाना चोरी की वारदात होने लगी। 5 हजार से 15 हजार में बेच देते थे बाइक गिरोह के सदस्य चोरी की बाइक को बेहद कम कीमत में बेच देते थे। नई हीरो बाइक करीब 15 हजार रुपये में, टीवीएस अपाचे 7 से 8 हजार रुपये में और स्प्लेंडर बाइक 2 से 4 हजार रुपये में बेच दी जाती थी। अगर किसी बाइक की बिक्री नहीं हो पाती थी, तो उसे काटकर अलग-अलग पार्ट्स के रूप में गैराज में बेच दिया जाता था। लगातार वारदात के बाद पुलिस ने कसा शिकंजा गिरोह की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10 अप्रैल को सुगौली में बाइक चोरी की घटना के अगले ही दिन नगर थाना क्षेत्र के एक अस्पताल से भी बाइक चोरी कर ली गई थी। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसी रात कार्रवाई कर पूरे गिरोह को पकड़ लिया और चोरी की बाइक भी बरामद कर ली। बाइक मिलने पर आर्मी जवान ने जताया आभार सुगौली पीएनबी बैंक परिसर से चोरी हुई आर्मी जवान धनंजय कुमार की बाइक महज 24 घंटे के भीतर बरामद होने पर उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने मोतिहारी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पुलिस इसी तरह सक्रिय रहे, तो अपराध पर पूरी तरह लगाम लग सकती है। लोगों का बढ़ा पुलिस पर भरोसा नगर थाना क्षेत्र के फेनहारा थाना अंतर्गत मड़पा मोहन गांव निवासी अरविंद कुमार ने भी एसपी स्वर्ण प्रभात और पूरी पुलिस टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है। दो महीने में 100 से ज्यादा बाइक बरामद एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो महीनों में 100 से अधिक बाइक बरामद की गई हैं और 50 से ज्यादा बाइक चोरों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।  

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