सोनभद्र में अंबेडकर जयंती पूर्व संध्या पर श्रमदान:भाजपा पदाधिकारियों, ग्रामीणों ने पार्क साफ कर दी श्रद्धांजलि

सोनभद्र में अंबेडकर जयंती पूर्व संध्या पर श्रमदान:भाजपा पदाधिकारियों, ग्रामीणों ने पार्क साफ कर दी श्रद्धांजलि

सोनभद्र के सदर विकास खंड स्थित जैतगांव के अंबेडकर पार्क में संविधान निर्माता डॉ. भीमरावअंबेडकर की135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस दौरान किसान मोर्चा के महामंत्री नारसिंह पटेल के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर अंबेडकर प्रतिमा और पूरे परिसर की साफ-सफाई की।सभी ने पुष्प अर्पित कर बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने डॉ.अंबेडकर के योगदान को याद किया।उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत आधार देने वाला संविधान तैयार किया,जिसने देश के हर नागरिक को समान अधिकार,स्वतंत्रता और न्याय का भरोसा दिया।वक्ताओं ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनकी लड़ाई को भी रेखांकित किया,जिसने दलितों,वंचितों और महिलाओं को नई पहचान और अधिकार दिलाए। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ.अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से एक ऐसे भारत की नींव रखी,जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को समानता का अधिकार प्राप्त हो।उन्होंने जोर दिया कि आज आवश्यकता है कि उनके सिद्धांतों को केवल स्मरण ही न किया जाए,बल्कि उन्हें अपने व्यवहार में भी आत्मसात किया जाए। पूर्वजिला मंत्री सुरेश शुक्ला ने कहा कि बाबा साहब का सामाजिक अन्याय के विरुद्ध संघर्ष आज भी प्रासंगिक है।उनका जीवन हमें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देता है। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष यादवेंद्र दत्त द्विवेदी ने बताया कि डॉ.अंबेडकर ने समाज को संगठित कर उसे एक नई दिशा प्रदान की। उनके विचार आज भी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

किसान मोर्चा के महामंत्री नारसिंह पटेल ने कहा कि बाबा साहब केवल एक व्यक्ति नहीं,बल्कि एक विचारधारा हैं।उन्होंने समाज के सबसे कमजोर वर्ग को भी आत्मसम्मान के साथ जीने का अधिकार दिलाया।पटेल ने यह भी कहा कि उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा और जागरूकता ही सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम है। जिला कार्य समिति सदस्य अनूप तिवारी ने इस प्रकार के कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये केवल औपचारिकता नहीं हैं,बल्कि समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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