नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा काजल कुमारी(16) हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली है। वारदात के 15 दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस की कार्यशैली पर लोग सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि अपराधी उनके घेरे में है और गिरफ्तारी से महज दो कदम दूर है। जानिए क्या है पूरा मामला बख्तियारपुर के लक्ष्मणपुर गांव निवासी वशिष्ठ नारायण सिंह की पुत्री काजल 27 मार्च को अपने कमरे में अकेली थी। मां और भाई इलाज के लिए अहमदाबाद गए हुए थे। सुबह नौ बजे एक युवक उसके कमरे में दाखिल हुआ। करीब 45 मिनट बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। छात्रा के सिर में सटाकर गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है। जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी ने महज डेढ़-दो मीटर की दूरी से निशाना साधा था, जिससे सिर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। अफेयर में हत्या की चर्चा पुलिस सूत्रों और प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम-प्रसंग और एकतरफा सनक से जुड़ा नजर आ रहा है। संदिग्ध युवक बेलछी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। छात्रा के साथ पढ़ाई कर चुका था। आरोपी का स्वभाव पूर्व से ही मनमौजी और उग्र रहा है। वह अपने पास हथियार भी रखता था। चर्चा है कि किसी बात को अनसुना किए जाने के प्रतिशोध में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के जरिए सुनिश्चित कर ली गई है, लेकिन कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण उसकी पहुंच से वह अब भी बाहर है। परिजनों ने लगाई गुहार मृतका के पिता वशिष्ठ नारायण और चाचा मुकेश कुमार ने प्रशासन और सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि अपराधियों के खुले घूमने से समाज में असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है। पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर अपराधी किसी दूसरी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। पुलिस का दावा- जल्द ही आरोपी की गिरफ्कारी वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा का कहना है कि पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहा है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा काजल कुमारी(16) हत्याकांड में पुलिस के हाथ खाली है। वारदात के 15 दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस की कार्यशैली पर लोग सवाल उठा रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि अपराधी उनके घेरे में है और गिरफ्तारी से महज दो कदम दूर है। जानिए क्या है पूरा मामला बख्तियारपुर के लक्ष्मणपुर गांव निवासी वशिष्ठ नारायण सिंह की पुत्री काजल 27 मार्च को अपने कमरे में अकेली थी। मां और भाई इलाज के लिए अहमदाबाद गए हुए थे। सुबह नौ बजे एक युवक उसके कमरे में दाखिल हुआ। करीब 45 मिनट बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। छात्रा के सिर में सटाकर गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है। जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी ने महज डेढ़-दो मीटर की दूरी से निशाना साधा था, जिससे सिर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। अफेयर में हत्या की चर्चा पुलिस सूत्रों और प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम-प्रसंग और एकतरफा सनक से जुड़ा नजर आ रहा है। संदिग्ध युवक बेलछी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। छात्रा के साथ पढ़ाई कर चुका था। आरोपी का स्वभाव पूर्व से ही मनमौजी और उग्र रहा है। वह अपने पास हथियार भी रखता था। चर्चा है कि किसी बात को अनसुना किए जाने के प्रतिशोध में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के जरिए सुनिश्चित कर ली गई है, लेकिन कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण उसकी पहुंच से वह अब भी बाहर है। परिजनों ने लगाई गुहार मृतका के पिता वशिष्ठ नारायण और चाचा मुकेश कुमार ने प्रशासन और सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि अपराधियों के खुले घूमने से समाज में असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है। पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर अपराधी किसी दूसरी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। पुलिस का दावा- जल्द ही आरोपी की गिरफ्कारी वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा का कहना है कि पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहा है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।


