दादर-रत्नागिरी पैसेंजर पर रेलवे का बड़ा फैसला, मनसे ने यूपी-बिहार की ट्रेनें रोकने की दी है धमकी

मुंबई से कोंकण जाने वाली दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज ठाकरे (Raj Thackeray) की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी के बीच अब रेलवे ने इस सेवा को दादर से शुरू करने की संभावनाओं पर कदम बढ़ाया है।

मनसे की उत्तर भारत की ट्रेनें रोकने की धमकी

मनसे ने साफ कहा था कि यदि दादर-रत्नागिरी ट्रेन सेवा शुरू नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलन करेगी। इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोकने तक की चेतावनी दी गई थी।

इस मुद्दे को लेकर मनसे प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे अधिकारियों से मुलाकात भी की थी, जिससे मामला और गरमा गया।

शिवसेना MP रविंद्र वायकर ने रेल मंत्री से की मुलाकात

इसके बाद मुंबई उत्तर-पश्चिम से सांसद रविंद्र वायकर (Ravindra Waikar) ने दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने मांग की कि यह पैसेंजर ट्रेन दिवा की बजाय दादर या छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से चलाई जाए। हालांकि, उस समय रेल मंत्री ने इसे तुरंत संभव नहीं बताया था।

अब रेलवे ने उठाया बड़ा कदम

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से 7 अप्रैल को शिवसेना सांसद वायकर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि दादर से दिवा-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन शुरू करने की ‘ऑपरेशनल फिजिबिलिटी’ जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

कोरोना के बाद बढ़ी यात्रियों की परेशानी

उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी से पहले यह ट्रेन दादर स्टेशन से चलती थी, जो मुंबई में रहने वाले कोंकण के प्रवासियों के लिए बेहद सुविधाजनक थी। कोविड के बाद जब सेवाएं बहाल हुईं, तो इस ट्रेन को ठाणे जिले के दिवा स्टेशन से शुरू किया गया। मुंबई के यात्रियों के लिए दिवा तक जाकर ट्रेन पकड़ना काफी असुविधाजनक साबित हो रहा था, जिसके कारण लंबे समय से इसे वापस दादर तक विस्तार देने की मांग की जा रही थी।

डेढ़ से दो साल में तैयार होगा नया रेल मार्ग

सांसद रविंद्र वायकर ने हाल ही में बताया था कि अगले डेढ़ से दो साल में मुंबई के वेस्टर्न लाइन पर एक नया रेलवे मार्ग बनकर तैयार हो जाएगा। इसके शुरू होने के बाद कोंकण जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें भी उसी मार्ग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने जानकारी दी कि भविष्य में यह ट्रेन पश्चिमी रेलवे मार्ग से वसई तक जाएगी और वहां से पनवेल होते हुए कोंकण पहुंचेगी।

राजनीति से दूर रखने की अपील

वायकर ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग न देने की अपील करते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जा रहे हैं।

फिलहाल गेंद रेलवे के पाले में है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि दादर-रत्नागिरी ट्रेन सेवा बहाल होगी या नहीं।

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