गोपालगंज के कुचायकोट विधानसभा से JDU विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इन तीनों पर भू-माफियाओं के साथ मिलकर फर्जी कागजात बनाकर जबरन जमीन कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप है। कोर्ट द्वारा कड़ा रुख अपनाने के बाद विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि विधायक और उनके करीबियों ने अपने पद और रसूख का इस्तेमाल कर भू-माफियाओं के साथ साठगांठ की और विवादित भूमि पर अवैध कब्जे की साजिश रची। इस मामले में पुलिस ने पहले ही प्राथमिकी दर्ज की थी। गोपालगंज पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हो गई वारंट जारी होने के बाद गोपालगंज पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हो गई है। एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर दो टीमों का गठन किया गया है, जो विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सिधवलिया थाने के हसनपुर गांव निवासी सीए राहुल तिवारी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, वारंट जारी होने के बाद तीनों आरोपी भूमिगत हो गए हैं। पप्पू पांडेय के सत्ताधारी दल (जेडीयू) के प्रभावशाली विधायक होने के कारण इस न्यायिक कार्रवाई ने गोपालगंज सहित बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है, जबकि विधायक समर्थकों का कहना है कि यह उन्हें राजनीतिक रूप से फंसाने की साजिश है और वे कानूनी तरीके से इसका जवाब देंगे। 1 अप्रैल को कुचायकोट थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी से संबंधित मामला यह मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय द्वारा 1 अप्रैल को कुचायकोट थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी से संबंधित है। प्राथमिकी में बताया गया है कि बेलवा गांव में किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन है, थाना में दिए गए आवेदन में कहा गया है कि पांच कमरों के ताले तोड़कर अपना ताला लगा दिया और जान मारने की नीयत से फायरिंग भी की।किसी प्रकार अपनी जान बचाई तथा इसकी सुचना पुलिस को दिया जिसके बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुँचकर अपराध कर्मी को अपराध करते हुए पकड़ा तथा कुछ अपराधी भाग गये। पुलिस ने चार अभियुक्त को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। वही अपराध के साजीशकर्ता सतीश पाण्डेय, अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय उर्फ पप्पु पाण्डेय को बनाया गया है।कुचायकोट पुलिस ने कोर्ट में फरारी की रिपोर्ट दाखिल कर वारंट जारी करने का आवेदन दिया था, जिसके बाद कोर्ट ने तीनों के खिलाफ वारंट निर्गत कर दिया। एसपी विनय तिवारी ने कहा कि भू-माफियाओं को संरक्षण देने व अपराधियों का मनोबल बढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी।
जिले में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों के करीब एक दर्जन अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया गया है। गोपालगंज के कुचायकोट विधानसभा से JDU विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इन तीनों पर भू-माफियाओं के साथ मिलकर फर्जी कागजात बनाकर जबरन जमीन कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप है। कोर्ट द्वारा कड़ा रुख अपनाने के बाद विधायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि विधायक और उनके करीबियों ने अपने पद और रसूख का इस्तेमाल कर भू-माफियाओं के साथ साठगांठ की और विवादित भूमि पर अवैध कब्जे की साजिश रची। इस मामले में पुलिस ने पहले ही प्राथमिकी दर्ज की थी। गोपालगंज पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हो गई वारंट जारी होने के बाद गोपालगंज पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय हो गई है। एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर दो टीमों का गठन किया गया है, जो विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सिधवलिया थाने के हसनपुर गांव निवासी सीए राहुल तिवारी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, वारंट जारी होने के बाद तीनों आरोपी भूमिगत हो गए हैं। पप्पू पांडेय के सत्ताधारी दल (जेडीयू) के प्रभावशाली विधायक होने के कारण इस न्यायिक कार्रवाई ने गोपालगंज सहित बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है, जबकि विधायक समर्थकों का कहना है कि यह उन्हें राजनीतिक रूप से फंसाने की साजिश है और वे कानूनी तरीके से इसका जवाब देंगे। 1 अप्रैल को कुचायकोट थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी से संबंधित मामला यह मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय द्वारा 1 अप्रैल को कुचायकोट थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी से संबंधित है। प्राथमिकी में बताया गया है कि बेलवा गांव में किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन है, थाना में दिए गए आवेदन में कहा गया है कि पांच कमरों के ताले तोड़कर अपना ताला लगा दिया और जान मारने की नीयत से फायरिंग भी की।किसी प्रकार अपनी जान बचाई तथा इसकी सुचना पुलिस को दिया जिसके बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुँचकर अपराध कर्मी को अपराध करते हुए पकड़ा तथा कुछ अपराधी भाग गये। पुलिस ने चार अभियुक्त को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। वही अपराध के साजीशकर्ता सतीश पाण्डेय, अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय उर्फ पप्पु पाण्डेय को बनाया गया है।कुचायकोट पुलिस ने कोर्ट में फरारी की रिपोर्ट दाखिल कर वारंट जारी करने का आवेदन दिया था, जिसके बाद कोर्ट ने तीनों के खिलाफ वारंट निर्गत कर दिया। एसपी विनय तिवारी ने कहा कि भू-माफियाओं को संरक्षण देने व अपराधियों का मनोबल बढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी।
जिले में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों के करीब एक दर्जन अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया गया है।


