गींगला (सलूंबर)। मेवल क्षेत्र के गींगला के निकट सेमाल गांव में रविवार शाम एक पैंथर ने जमकर उत्पात मचाया। खेत में मवेशियों के लिए घास काट रहे दो किसानों पर पैंथर ने अचानक हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पैंथर के हमले से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के शोर-शराबे के बाद पैंथर भागकर पास ही एक नीम के पेड़ पर जा चढ़ा और घंटों वहीं डेरा जमाए बैठा रहा।
अचानक झाड़ियों से निकला
सेमाल निवासी शंकरलाल पुत्र रोड़ा और वाला पटेल पुत्र पेमा रविवार शाम करीब 6 बजे अपने खेत पर पशुओं के लिए चारा (हरी घास) लेने गए थे। पैंथर पहले से ही वहां घनी झाड़ियों और घास में दुबका बैठा था। जैसे ही शंकरलाल ने घास काटना शुरू किया, पैंथर ने उन पर हमला बोल दिया। शंकरलाल की चीख सुनकर पास ही काम कर रहे वाला पटेल उन्हें बचाने दौड़े, तो पैंथर ने उन पर भी हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया।
साहस से बची जान, पेड़ पर चढ़ा पैंथर
दोनों किसानों ने हिम्मत नहीं हारी और पैंथर का डटकर मुकाबला किया। ग्रामीणों के मौके पर जुटने और शोर मचाने के कारण पैंथर वहां से भागा और पास ही स्थित एक ऊंचे नीम के पेड़ पर चढ़ गया। पैंथर को देखने बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। करीब 30 से 40 फीट ऊंचे नीम के पेड़ पर पैंंथर इधर-उधर कूदता रहा।
अस्पताल में उपचार जारी
घायल शंकरलाल और वाला पटेल को तत्काल गींगला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है, हालांकि उन्हें गहरे जख्म आए हैं।
ग्रामीणों में रोष, पिंजरा लगाने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में पैंथर की मूवमेंट बना हुआ है। वह पूर्व में भी कई मवेशियों और बछड़ों का शिकार कर चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना देकर तत्काल मौके पर पिंजरा लगाने और पैंथर को रेस्क्यू करने की मांग की है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी है।


