जहानाबाद में बिहार राज्य शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा, जिला शाखा की बैठक मोर्चा अध्यक्ष शंभू कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के कार्यों पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। एचआरए और वेतन भुगतान को लेकर शिक्षकों का आरोप
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि शहरी क्षेत्र के शिक्षकों के मकान किराया भत्ता (एचआरए) को लेकर विधानसभा में गलत जानकारी दी गई है। जहां 10 प्रतिशत भुगतान का दावा किया गया, वहीं वास्तविकता में अभी भी केवल 5 प्रतिशत ही एचआरए मिल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि लगभग 95 प्रतिशत शिक्षकों का वेतन लंबित है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल और सेवा पुस्तिका में अनियमितता के आरोप
बैठक में ई-शिक्षाकोष पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। शिक्षकों का कहना है कि शिकायतों को निष्पादित दिखा दिया जाता है, जबकि समस्या जस की तस बनी रहती है। इसके अलावा सेवा पुस्तिकाओं को बिना वेतन निर्धारण के लौटाने और अनियमित पदस्थापन के भी आरोप लगाए गए। आंदोलन की चेतावनी, उच्चस्तरीय जांच की मांग
मोर्चा ने सेवा पुस्तिकाओं के निस्तारण, बकाया एरियर भुगतान और डीईओ के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि 5 मई को प्रखंड स्तर पर धरना और 12 मई को जिला शिक्षा कार्यालय पर ‘घेराव-डेरा डालो’ आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा गया है। जहानाबाद में बिहार राज्य शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा, जिला शाखा की बैठक मोर्चा अध्यक्ष शंभू कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के कार्यों पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। एचआरए और वेतन भुगतान को लेकर शिक्षकों का आरोप
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि शहरी क्षेत्र के शिक्षकों के मकान किराया भत्ता (एचआरए) को लेकर विधानसभा में गलत जानकारी दी गई है। जहां 10 प्रतिशत भुगतान का दावा किया गया, वहीं वास्तविकता में अभी भी केवल 5 प्रतिशत ही एचआरए मिल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि लगभग 95 प्रतिशत शिक्षकों का वेतन लंबित है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल और सेवा पुस्तिका में अनियमितता के आरोप
बैठक में ई-शिक्षाकोष पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। शिक्षकों का कहना है कि शिकायतों को निष्पादित दिखा दिया जाता है, जबकि समस्या जस की तस बनी रहती है। इसके अलावा सेवा पुस्तिकाओं को बिना वेतन निर्धारण के लौटाने और अनियमित पदस्थापन के भी आरोप लगाए गए। आंदोलन की चेतावनी, उच्चस्तरीय जांच की मांग
मोर्चा ने सेवा पुस्तिकाओं के निस्तारण, बकाया एरियर भुगतान और डीईओ के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि 5 मई को प्रखंड स्तर पर धरना और 12 मई को जिला शिक्षा कार्यालय पर ‘घेराव-डेरा डालो’ आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा गया है।


