सोनभद्र पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था। इसका कनेक्शन बांग्लादेश सीमा तक जुड़ा मिला। एसआईटी की कार्रवाई में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में चौंकाने वाले तरीके सामने आए हैं। जिनसे लंबे समय तक तस्करी को अंजाम दिया जा रहा था।
सोनभद्र जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था। इसका संचालन बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में एसआईटी टीम ने इस मामले की गहराई से जांच की। जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए।
नशे के कारोबार में पिता पुत्र मुख्य किरदार
जांच के दौरान पता चला कि इस नेटवर्क में शामिल लोग कफ सिरप की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। गिरोह से जुड़े विनोद कुमार वर्मा और उसका बेटा संस्कार वर्मा इस पूरे खेल के मुख्य किरदार बताए जा रहे हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस की नजर में थे और फरार चल रहे थे।
नमकीन और चिप्स के नाम पर फर्जी बिल भेजा जाता था
पुलिस को जानकारी मिली कि यह गिरोह दिल्ली की एक कंपनी के माध्यम से बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप मंगवाता था। इसके बाद इन दवाओं को नमकीन और चिप्स के नाम पर फर्जी बिल बनाकर कंटेनरों में छिपा दिया जाता था। फिर इस माल को त्रिपुरा के अगरतल्ला के रास्ते बांग्लादेश सीमा तक पहुंचाया जाता था। तस्करी का यह तरीका इतना चालाकी भरा था कि एजेंसियों को काफी समय तक इसकी भनक नहीं लगी।
संस्कार वर्मा के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
इस मामले की कड़ी 18 अक्टूबर 2025 को सामने आई, जब रॉबर्ट्सगंज इलाके में दो कंटेनरों से भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ था। इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह द्वारा हजारों शीशियां बांग्लादेश भेजने की तैयारी थी। आखिरकार एसआईटी टीम ने प्रयागराज पुलिस की मदद से 12 अप्रैल 2026 को अतरसुइया क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संस्कार वर्मा के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
अभी हो सकते कई बड़ा खुलासा
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से ड्रग तस्करी के इस बड़े नेटवर्क को करारा झटका लगा है। अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। उम्मीद है। कि आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


