Asha Bhosle Death News Live: अस्पताल से घर आया आशा भोसले का पार्थिव शरीर, परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल

Asha Bhosle Death News Live: अस्पताल से घर आया आशा भोसले का पार्थिव शरीर, परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल

Asha Bhosle Death News Live: दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में आज सुबह निधन हो गया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आशा ने आखिरी सांस ली। आशा ताई के निधन के बाद फैंस और बॉलीवुड जगत में शोक की लहर है। आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अब उनके घर पर लाया जा चुका है।

घर पहुंचा आशा ताई का पार्थिव शरीर (Asha Bhosle Death News Live)

तमाम फिल्मी गानों को अपनी मखमली आवाज से सजाने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले नहीं रहीं। उन्होंने 92 साल की उम्र में आज रविवार 12 अप्रैल को दुनिया को अलविदा कह दिया है। उनके बेटे आनंद भोसले ने मीडिया से बात करते हुए मां के निधन की पुष्टि की। खबरों की मानें तो आशा ताई के जाने के बाद उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

उनके पार्थिव शरीर को इसी बीच घर पर लाया जा चुका है। कल दिन तक उनके शरीर को घर पर रखा जाएगा और शाम को फिर अंतिम संस्कार किया जाएगा। आशा भोसले का अंतिम संस्कार शाम 4 बजे सोमवार को किया जाएगा। ताहिर जासूस समेत कई पैपराजी पेज पर उनके पार्थिव शरीर को घर ले जाते हुए वीडियो शेयर किए गए हैं।

आशा भोसले की निजी जिंदगी (Asha Bhosle Death News)

बहुत कम लोग जानते हैं कि आशा भोसले की निजी जिंदगी आसान नहीं थी। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में गणपतराव भोसले से शादी कर ली थी, जो उनसे उम्र में काफी बड़े थे। परिवार की इच्छा के खिलाफ लिया गया यह फैसला आगे चलकर उनके रिश्तों में दूरी का कारण बना। खास तौर पर उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर इस विवाह से खुश नहीं थीं, जिसके कारण दोनों बहनों के बीच लंबे समय तक बातचीत भी बंद रही।

आशा भोसले को गर्भावस्था में हुई तकलीफें

शादी के शुरुआती दिनों में आशा भोसले ने उम्मीदों के साथ अपना नया जीवन शुरू किया था, लेकिन समय के साथ हालात बदलते चले गए। उन्होंने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि विवाह के दौरान उन्हें मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि गर्भावस्था के दौरान ही उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। उस कठिन समय में उन्होंने अपने मायके लौटकर नया जीवन शुरू करने का फैसला लिया।

हालांकि इस रिश्ते ने उन्हें कई तकलीफें दीं, फिर भी उन्होंने कभी कटुता नहीं रखी। उन्होंने हमेशा यह स्वीकार किया कि उनके तीन बच्चों का जन्म उसी रिश्ते की सबसे बड़ी देन था। यही सकारात्मक सोच उनकी मजबूत मानसिकता को दर्शाती है।

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